विवाद / कमलनाथ ने कहा- मोदी एक रिश्तेदार का नाम बताएं, जिसने आजादी की जंग लड़ी हो; जावड़ेकर बोले- यह कांग्रेसी मानसिकता - Bhaskar Crime

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विवाद / कमलनाथ ने कहा- मोदी एक रिश्तेदार का नाम बताएं, जिसने आजादी की जंग लड़ी हो; जावड़ेकर बोले- यह कांग्रेसी मानसिकता

  • मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस सेवादल के प्रशिक्षण सत्र को संबोधित किया, कहा- किसी भाजपाई ने स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा नहीं लिया, वे राष्ट्रवाद सीखा रहे
  • प्रकाश जावड़ेकर ने कमलनाथ की निंदा की, कहा- मोदीजी उस समय चाय बेचकर आजीविका कमा रहे थे, कड़ी मेहनत से वे देश के प्रधानमंत्री बने

भोपाल/नई दिल्ली. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को भाजपा पर मूल मुद्दों से ध्यान हटाने का आरोप लगाया। कमलनाथ ने कहा- भाजपा से किसी ने भी स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा नहीं लिया मगर वे राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ा रहे हैं। कमलनाथ कांग्रेस सेवादल के प्रशिक्षण सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मोदी सरकार के एनपीआर लागू करने के तरीके पर भी सवाल उठाया। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट किया- कमलनाथ का बयान, कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है, जो केवल राजवंश पर चलती आ रही है।
कमलनाथ ने कहा- आज हमारी संस्कृति पर हमला किया जा रहा है। वे एनआरपी की बात करते हैं। मगर जब आप अपना नाम बताएंगे तो आपसे आपका धर्म पूछा जाएगा। यदि आप कहेंगे कि आप हिंदू हैं तो कहा जाएगा कि इसे साबित कीजिए। आपको पिछले छह-सात सालों में भाजपा की राजनीति को समझना चाहिए। आपने कभी प्रधानमंत्री मोदी को किसानों और महिलाओं के बारे बात करते हुए सुना? क्या वे लोग सेवादल को राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाएंगे?
आपके किसी रिश्तेदार का नाम बता दीजिए: कमलनाथ
उन्होंने कहा- मोदी जी को उनकी पार्टी से कोई एक नाम बताना चाहिए जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम में शामिल रहा हो। यदि नहीं तो मोदीजी को उनके ही किसी रिश्तेदार का नाम बता दीजिए, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया हो। उनकी पार्टी से ऐसा कोई नहीं है, जिसने आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया हो और वे लोग आज कांग्रेस को राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ा रहे हैं।
जावड़ेकर ने कहा- मोदी राजनीतिक आंदोलन का हिस्सा नहीं थे
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कमलनाथ के ट्वीट की निंदा की है। उन्होंने कहा- क्या उनके महान माता-पिता स्वतंत्रता सेनानी थे। वे (मोदी) राजनीतिक आंदोलन का हिस्सा नहीं थे। वे उस समय चाय बेचकर आजीविका कमा रहे थे। इस पृष्ठभूमि के साथ भी वे अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत, जुनून और लोगों के विश्वास के कारण प्रधानमंत्री बने। यह नेतृत्व का दुर्लभ गुण है, जो उन्हें यहां तक लाया है।