नागरिकता कानून / जबलपुर में सीएए और एनआरसी के विरोध में हजारों लोग सड़क पर उतरे; मौन जुलूस निकाला, पुलिस ने ड्रोन से की निगरानी - Bhaskar Crime

Breaking

नागरिकता कानून / जबलपुर में सीएए और एनआरसी के विरोध में हजारों लोग सड़क पर उतरे; मौन जुलूस निकाला, पुलिस ने ड्रोन से की निगरानी

  • जबलपुर में मुस्लिम समाज ने मंडी मदर टेकरी से सिंधी कैम्प तक निकाला मौन जुलूस
  • प्रदर्शन को देखते हुए भारी संख्या ने पुलिस बल तैनात, सीएए को वापस लेने की मांग

जबलपुर. शहर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शुक्रवार को हजारों की तादाद में भीड़ सड़कों पर उतर आई। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कानून के विरोध में मौन जुलूस निकाला और अपना आक्रोश जताया। नागरिकता संशोधन कानून और प्रस्तावित एनआरसी को लेकर मुस्लिम समुदाय खासा आक्रोशित है। जुलूस के बाद उन्होंने कलेक्टर भरत यादव को ज्ञापन सौंपा। बता दें कि जबलपुर में सीएए के विरोध में दिसंबर में जमकर बवाल हुआ था, जिसके बाद चार थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाना पड़ा था। 
इसके पहले गुरुवार को भी मंडी मदार टेकरी के जामा मस्जिद में भी विशाल जनसभा हुई थी। आज दोपहर की नमाज के बाद शुक्रवार को लोगों की भीड़ सड़कों पर उतरी। अनेक धर्म गुरुओं और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में गुस्साए लोग जुलूस में शामिल हुए। हजारों की तादाद में भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन खासा चौकस रहा। सुरक्षा इंतजामों का आलम यह था कि हालातों पर निगरानी के लिए पुलिस ने ड्रोन कैमरों तक का सहारा लिया गया। 
धर्मगुरुओं ने कहा- सीएए काला कानून 
मौन जुलूस में शामिल धर्मगुरुओं ने सीएए को काला कानून करार देते हुए इसे वापस लेने की बात कही। गुस्साए लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जनता की आवाज की अनसुनी की तो ऐसे नेताओं को सत्ता से उतारने का काम भी जनता ही करेगी। हाथों में सीएए और एनआरसी विरोधी नारों की तख्तियां थामे और तिरंगा लहराते हुए भीड़ ने मंडी मदार टेकरी से भान तलैया का रुख किया तो पुलिस और प्रशासन को भी सख्त रवैया अपनाना पड़ा। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को टालने के लिए प्रशासन ने जुलूस में शामिल भीड़ को सिंधी कैंप के पास ही रोक दिया। 
सीएए और एनआरसी का विरोध कर रहे मुस्लिम समुदाय ने एक स्वर में इस तरह के कानून को जनहित के खिलाफ बताते हुए केंद्र सरकार पर देश को बांटने की कोशिश का आरोप लगाया। सीएए को लेकर शहर में एक के बाद एक हो रहे आंदोलनों को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।