मप्र / मंदसौर के सत्यार्थ के साथ सात फेरे लेने भारत आई चीनी युवती, भारतीय रीति-रिवाजों से शादी - Bhaskar Crime

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मप्र / मंदसौर के सत्यार्थ के साथ सात फेरे लेने भारत आई चीनी युवती, भारतीय रीति-रिवाजों से शादी

  • दोनों की मुलाकात 5 साल पहले पढ़ाई के दौरान कनाडा की शेरीडोन यूनिवर्सिटी में हुई थी
  • कोरोनावायरस की दहशत के बीच युवती के माता-पिता, रिश्तेदार चीन से भारत आए

मंदसौर/इंदौर. दो देशों की सरहदों को पार कर खरगौन में प्यार की एक कहानी अपने अंजाम को पहुंची। कनाडा में पढ़ाई कर रहीं चीन की जी हाओ ने भारतीय रीति-रिवाजों के अनुसार खरगौन के सत्यार्थ मिश्रा के साथ सात फेरे लिए। कोरोनोवायरस की दहशत के बीच युवती के माता-पिता और रिश्तेदार भी चीन से भारत पहुंचे।
जी और सत्यार्थ की प्रेम कहानी को आज से 5 साल पहले कनाडा में जड़ें मिलीं। दोनों कनाडा की शेरीडोन यूनविर्सिटी में मिले। जल्द ही उन्हें प्यार हो गया और परिवारवालों की रजामंदी मिलते ही दोनों विवाह बंधन में बंध गए। सत्यार्थ मिश्रा खरगौन के वेद मिश्रा के पुत्र हैं। 5 साल पहले वह पढ़ाई के लिए शेरडिन यूनर्विस्टी (कनाडा) पहुंचे थे। चीन की जी हाओ भी यहां दाखिला ले चुकी थीं। दोनों दोस्त बने और जी हाओ, सत्यार्थ से अंग्रेजी सीखने लगीं। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई और दोनों ने हमसफर बनने का फैसला लिया। परिजनों ने भी उनके इस रिश्ते को रजामंदी दे दी।
शनिवार को दोनों की मंगनी की रस्म हुई। इसके लिए चीन के जियोंग शहर में रहने वाले जी हाओ के पिता शिबो वांग और उनकी पत्नी जिन गुआन अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ 29 जनवरी को ही भारत आ गए थे। रविवार सुबह जी हाओ और सत्यार्थ विवाह बंधन में बंध गए। चीनी दंपति भारतीय आतिथ्य और रीति-रिवाजों से बहुत खुश नजर आए। वे अपनी बेटी के सुखी वैवाहिक जीवन को लेकर भी आश्वस्त हैं।
'चीनी' को इंग्लिश ने 'हिंदी' का हमसफर बनाया
मंदसौर जनपद पंचायत के पीछे बने सरकारी क्वार्टर में रहने वाले वेद मिश्रा और ज्योति के बेटे सत्यार्थ पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए कनाडा गए थे। इसी कॉलेज में मैकअप आर्टिस्ट का कोर्स करने आईं जी हाओ वांग से उनकी मुलाकात हुई। जीहाओ को अंग्रेजी नहीं आने पर सत्यार्थ अंग्रेजी सीखने में उनकी मदद करते थे। दोनों में दोस्ती हुई और फिर प्यार में बदल गई। दोनों के परिवार ने वीडियो कॉलिंग से चर्चा की। एक साल से दोनों परिवारों के बीच चर्चा का दौर चल रहा था। एक-दूसरे को समझने के बाद दोनों परिवार ने इस शादी को इजाजत दे दी। इस तरह ‘चीनी’ को इंग्लिश ने ‘हिंदी’ का हमसफर बना दिया। 
चाचा-चाची को नहीं मिल पाई भारत आने की अनुमति
दुल्हन के माता, पिता, मौसी और उनकी बेटी इस शादी में मौजूद रहीं। चाचा व चाची भी आने वाले थे, लेकिन कोरोनावायरस के चलते ज्यादा लोगों को भारत आने की अनुमति नहीं मिली। परिवार दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा, जहां सभी की मेडिकल जांच हुई।

चीन से शादी के लिए परिवार आया है । जहां यै उतरे हैं , वहीं पूरी मेडिकल जांच की गई है। सबकुछ सही होने के बाद भारत सरकार इन्हें प्रवेश की अनुमति देती है। इसके बाद भी परिवार से संपर्क कर निगाह रखी जाएगी। किसी की भी तबीयत खराब होती है तो तत्काल जांच की जाएगी। स्वास्थ्य अमला पूरी तरह से तैयार है।
डाॅ. ए.के. मिश्रा, सिविल सर्जन व प्रभारी सीएमएचओ, मंदसाैर