रीवा / मॉडल साइंस कॉलेज गांधीजी की बेन किंग्सले जैसी प्रतिमा को बदलेगा; छात्रों के विरोध के बाद निर्णय लिया गया - Bhaskar Crime

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रीवा / मॉडल साइंस कॉलेज गांधीजी की बेन किंग्सले जैसी प्रतिमा को बदलेगा; छात्रों के विरोध के बाद निर्णय लिया गया

  • रीवा के गवर्नमेंट मॉडल साइंस कॉलेज परिसर में 30 जनवरी को गांधीजी की प्रतिमा लगाई गई थी
  • प्रिसिंपल ने जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद फैसला लिया, कहा- प्रतिमा में कुछ त्रुटियां थीं 
  • पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी प्रतिमा को लेकर ट्वीट कर सरकार की आलोचना की

रीवा. शहर के गवर्नमेंट मॉडल साइंस कॉलेज में 30 जनवरी को लगाई गई गांधीजी की प्रतिमा को छात्रों की आपत्ति के बाद बदलने का निर्णय लिया गया है। कॉलेज ने यह फैसला जांच समिति की रिपोर्ट के बाद लिया है। छात्रों ने आरोप लगाया था कि यहां पर जिस प्रतिमा का अनावरण हुआ है, वो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की नहीं लग रही है, बल्कि ये ब्रिटिश फिल्म अभिनेता बेन किंग्सले से मिलती-जुलती है। छात्रों ने इसे गांधीजी का अपमान बताया था। उन्होंने कहा था कि ये वही अभिनेता है, जिसने 'गांधी' फिल्म में महात्मा गांधी का किरदार निभाया था और वह अंग्रेज था, इसलिए जिसने भी ये काम किया है, उसके खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज होना चाहिए।
इधर, गांधीजी की प्रतिमा को लेकर विपक्ष ने भी सरकार पर निशाना साधा। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आईफा के प्रदेश में आने से पहले ही कमलनाथजी और उनके मंत्री फिल्मों से इतने प्रभावित हो गए कि महात्मा गांधी कैसे दिखते थे, ये भी भूल गए। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि असली गांधीजी की जगह फिल्मी गांधी की आंधी में उड़ गए। 
प्रतिमा में कुछ कमियां हैं : प्रिसिंपल 
मॉडल साइंस कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि प्रतिमा को लगाने के लिए हमें काफी कम समय मिला। 29 जनवरी को प्रतिमा कॉलेज लाई गई। शाम को कॉलेज बंद होने के बाद शाम को प्रतिमा लगा दी गई। सुबह इसका अनावरण कर दिया। जब विद्यार्थियों ने इसे देखा तो विरोध जताया। जब मुझे इसकी जानकारी हुई तो मैंने जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया। प्रिंसिपल श्रीवास्तव ने कमेटी की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि, "प्रतिमा में कुछ कमियां हैं, उसका चेहरा थोड़ा लंबा है, जबकि इसे गोलाकार होना चाहिए था।" 
एक से डेढ़ लाख के बीच आती है प्रतिमा
प्रिसिंपल डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि प्रतिमा में त्रुटियाें की वजह से इसे बदलने का फैसला किया है। मैं उस दौरान एक मीटिंग के सिलसिले में भोपाल गया था। लौटने के बाद प्रतिमा बदलने के आदेश दे दिए हैं। हालांकि कोई भी प्रतिमा बनाने में हूबहू बन जाए, यह संभव नहीं हो पाता है। इसका खर्च भी बनाने वाली कंपनी को वहन करना होगा। एक प्रतिमा 1 से डेढ़ लाख रुपए के बीच आती है।