यह कैसा नियम कानून है-लॉकडाउन का - Bhaskar Crime

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यह कैसा नियम कानून है-लॉकडाउन का

यह कैसा नियम कानून है जो शहर को लॉकडाउन मैं 8:00 बजे ही बंद कर दिया देश और दुनिया का
(मनोज विश्वकर्मा न्यूज़ रिपोर्टर)
करोना वायरस से करोड़ों लोगों और नुकसान मैं होने के कारण यह नया नियम प्रदेश मैं लागू किया है की 8:00 बजे सभी दुकाने बंद के निर्देश और सिर्फ दवा और दारू  का समय बढ़ा दिया है लेकिन कई व्यापारियों का परिवार दुकान और व्यवसाय से चलता है और कार्य करने वाले गरीब परिवार का पालन पोषण होता है
लेकिन सरकार ने नया नियम लागू करने से कई लोग परेशान हो रहे है नियमअनुसार शहर की सभी दुकानें समय में बंद किया जाना चाहिए लेकिन शराब की दुकान को खुल्ला छूट देकर प्रशासन दो आंखें जैसा कार्य कर रही है दवा के लिए डॉक्टर की पर्ची लेकिन दारू के लिए कौन पर्ची या पास दिखाने पर उल्लंघन नहीं किया जाएगाऔर
शहर में बढ़ते कोरोनावायरस के मरीज को देखते हुए शासन ने जो नियम निर्देश दिया है उससे यह पता चलता है कि कानून दो तरह का है 8:00 बजे ही शहर शह बंद का आदेश और हर चौराहा पर पुलिस द्वारा नाकाबंदी और चलानी कार्रवाई किया जा रहा है यह प्रदेश और देश में पहला नियम देखा जो इसी तरह मालवीय चौक पर अंग्रेजी शराब की दुकान 9:00 बजे तक खुली  छूट बाकी सरकार बदलते ही नियम बदल गए मंत्री बनते ही नियम बदल गए यह पहली बार हो रहा है या मनुष्य सभी दुकानों पर एक ही समय प्रतिबंध लगाना चाहिए अन्यथा समय सीमा की  देना चाहिए, शराब माफियाओं से शासन को करोड़ों अरबों रुपए का फायदा हो रहा है इसलिए उन्हें खुल्ला छुट दिया जा रहा है जो मनमानी रेट से भी बेच रहे हैं और और कोई नियम कानून लागू नहीं होता, नई सरकार यह याद रखना चाहिए कि जनता जो हमें चुन कर सरकार चला रही है उस जनता को परेशान करने पर शायद दोबारा जनता मौका नहीं देगी क्योंकि चुनाव नजदीक आने वाले हैं इसलिए शासन प्रशासन व्यापार और गरीब परिवार पर ध्यान दें शराब माफिया को भी नियम अनुसार आदेश दिया जाए लॉक दान का समय शहर के हर क्षेत्र में एक ही समय दिया जाए