100 करोड़ तक लोन कर्ज लिया हुआ है डेयरी मालिकों ने कलेक्टर से मुलाकात किया - Bhaskar Crime

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100 करोड़ तक लोन कर्ज लिया हुआ है डेयरी मालिकों ने कलेक्टर से मुलाकात किया

एन.जी.टी. की गाइड लाइन के आधार पर पशु पालकों को विस्थापन किया जाना है,
जिस हेतु पशु पालकों को उनकी मौजूदा पशु संख्या के आधार पर जमीन उपलब्ध
जहाँ पर विभिन्न स्थानों से शहर से लाकर डेयरियों को बसाया गया था एवं उन स्थानों या गांव को गजट में प्रकाशित किया गया था। 
विगत 45 वर्षों में सभी पशुपालकों ने बैंकों से कर्ज लेकर अपने शेड, गोदाम व अन्य जरूरत के निर्माण करवाये हैं आज भी राष्ट्रीयकृत बैंकों से जबलपुर के करीब 200 से ज्यादा पशुपालकों ने करीब 100 करोड़ तक लोन लिया हुआ है 
उक्त संबंध में आपको अवगत कराना चाहते हैं, कि जबलपुर जिले में आज जिन-जिन गांवों में डेयरियों स्थित हैं, उन सब स्थानों या ग्राम को वर्ष 1975 में शासन द्वारा चिन्हित किया गया था, 
उक्त सारी बातों को ध्यान में रखते हुये एवं पर्यावरण की दृष्टि से हम सब पशुपालकों को कहना है, कि डेयरी संबंधित जो भी निर्णय शासन-प्रशासन द्वारा लिया जावे वह निर्णय उपरोक्त वर्णित तथ्यों के आधार पर लिया जावे व उसमें पशुपालकों की सहमति या परामर्श लिया जावे कराई जावे । पूर्व में भी इस दिशा में प्रशासन द्वारा 2-3 गांवों महगवां व अन्य स्थानों में प्रशासन द्वारा मान. हाईकोर्ट के निर्देश पर करीब 70 एकड़ भूमि चिन्हित की गई थी, लेकिन फिर आगे इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया ।
अतः आपसे निवेदन है, कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की गाइड लाइन के आधार पशुपालकों को एक स्थान चिन्हित कर भूमि उपलब्ध करवायी जाये, 99 साल की लीज पर एवं सड़क, बिजली, पानी एवं पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था हो राष्ट्रीयकृत बैंकों से कम ब्याज का लोन उपलब्ध हो, ताकि पशुपालन अपना जीविकोपार्जन चला सकें एवं शहर को दूध की आपूर्ति रूप से मिले