ठेका प्रथा बंद किया जाए संविदा पर वाहन चालकों की नियुक्ति किया जाए - Bhaskar Crime

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ठेका प्रथा बंद किया जाए संविदा पर वाहन चालकों की नियुक्ति किया जाए

ठेकेदार मालामाल हो रहे नगर निगम को लाखों का चूना लग रहा है
कर्मचारियों को संविदा वाहन चालक में नियुक्त करने से शासन को लाखों रुपए का फायदा होगा नगर पालिक निगम, जबलपुर में लगभग 500 वाहन कार्यरत हैं। जिसमें निगम के 40 कर्मचारी जो वाहन चालक के रुप में कार्य कर रहे है तथा 460 कर्मचारी ठेके के वाहन चालक निगम के वाहन चलाने का कार्य कर रहे है। ठेके के वाहन चालकों को अनुबंध के अनुसार राशि रुपये 12,459/- प्रति चालक के रुप में मासिक भुगतान किया जा रहा है। यदि इन्ही कर्मचारियों को संविदा के तौर पर नियुक्त किया जाता है तो उन्हे लगभग राशि रपये 6,990/- प्रति चालक के रुप में भुगतान करना होगा।
इस तरह तुलनात्मक दृष्टिकोण से 5,469/- रुपये अतिरिक्त व्यय होने वाली क्षति से बचा जा सकता है। यदि हम 460 वाहन चालकों की गणना टेके के दर पर राशि रुपये 12,459/- से गुणा करने पर 5731140 /- रुपये व्यय आता है तथा 460 वाहन चालकों की गणना संविदा दर राशि रुपये 6,990/- से गुणा करने पर 3215400 /- का व्यय आता है। यदि दोनो व्यय का तुलनात्मक अध्यन करने पर राशि रुपये 2515740 /- का अतिरिक्त व्यय आ रहा है।
अतः वर्तमान समय में चल रहे आर्थिक संकट को दृष्टिगत रखते हुये संविदा पर वाहन चालकों को रखे जाने का प्रस्ताव आपके समक्ष पूर्व में प्रस्तुत किया गया है। इस संबंध में विदित हुआ है कि भोपाल, छिंदवाड़ा एवं सागर नगर निगम में ठेके के वाहन चालकों को निगम ने संविदा में रखा है