आखिर छुट्टियां लेने को क्यों कह रही हैं कंपनियां कर्मचारियों से - Bhaskar Crime

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आखिर छुट्टियां लेने को क्यों कह रही हैं कंपनियां कर्मचारियों से

नई दिल्ली. कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते बहुत सारी कंपनियां अपने कर्मचारियों के​ लिए छुट्टी की पॉलिसी में बदलाव कर रही हैं. कंपनियां अपने कर्मचारियों की लीव इनकैशमेंट को कैप करते हुए कह रही हैं 

कि वो कुछ दिन की छुट्टी ले लें. दरअसल, मौजूदा संकट में कर्मचारी घर से काम कर रहें, जिसकी वजह से वो छुट्टी भी कम ले रहे हैं. कर्मचारियों के सामने अपनी छुट्टियों को लेकर दो तरह की समस्या है. एक तो यह कि उन्हें नौकरी जाने का डर है और दूसरा कि ट्रैवलिंग पर पाबंदी को लेकर वो कहीं बाहर जाने का प्लान नहीं कर रहे हैं. यही कारण है कि वो अब कॉरपोरेट्स अपने कर्मचारियों के लिए छुट्टियों की पॉलिसी में बदलाव कर रहे हैं.मिंट ने अपनी एक रिपोर्ट में HR टेक सॉलुशंस प्रोवाइडर फर्म PeopleStrong के हवाले से लिखा है कि अप्रैल से जून के बीच 40 फीसदी से भी कम कर्मचारियों ने छुट्टी के लिए अप्लाई किया है. यह एक बड़ी गिरावट है. राज्य सरकारों की जरूरत के आधार पर शॉप्स एंड इस्टे​बलिशमेंट एक्ट, 1961 के तहत यत छुट्टी लेना अनिवार्य है. जबकि लीव इनकैशमेंट को लेकर कोई अनिवार्यता नहीं है.
PeopleStrong के सह-संस्थापक और सीईओ के हवाले से इस अख़बार की रिपोर्ट में लिखा गया है कि रातोंरात इस पॉलिसी में बड़े बदलाव नहीं किये जा सकते हैं. कई कंपनियां इस रिव्यू कर रही हैं कि कितनी छुट्टियां इनकैशमेंट के लिए योग्य होंगी. इसे 15 से 20 फीसदी तक कम करने की योजना है. इससे काम करने की प्रैक्टिस भी बेहतर बना रहेगा और मौजूदा संकट से निपटने में भी मदद मिलेगी.एक अन्य कंसल्टिंग फर्म के लिए हवाले से लिखा गया है कि कुछ कंपनियां बची हुई छुट्टियों की संख्या कम कर रहीं या लीव इनकैशमेंट की अनुमति नहीं दे रही है. इस साल के लिए तो कुछ कंपनियां लीव इनकैशमेंट पर कैपिंग भी लगा रही हैं. टेक सेक्टर की कंपनियां अपने कर्मचारियों को प्रोत्साहित कर रही हैं कि वो अपनी छुट्टियां खर्च करते रहें और साल के अंत के लिए इसे बचा कर न रखें.

एक जानकार का कहना है कि कंपनियों की तरफ से ऐसे कदम अपने कैश फ्लो को मेंटेन करने के लिए कंपनियां लीप इनकैशमेंट पर कैपिंग लगा रही हैं. अगर ये छुट्टियां इस्तेमाल नहीं होती है तो कंपनी को साल के अंत या इस्तीफे के समय कर्मचारियों को भुगतान करना होगा.