महिला थाना में पुलिस अधिकारियों की फौज पीड़ित महिला अपनी समस्या को बताने में हिचकाहट आती है - Bhaskar Crime

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महिला थाना में पुलिस अधिकारियों की फौज पीड़ित महिला अपनी समस्या को बताने में हिचकाहट आती है

माहिला थाना में लोग अपनी समस्या बताये तो कैसे जो शासन प्रशासन ने पाति पत्नी का विवाद या परिवार की समस्या के लिये बनाया गया है 

जबलपुर शहर में बना थाना जो पीड़ित महिलाऔ को न्याय और कानून कार्यवाही किया जाने के लिए बनाया है लेकिन महिला थाने में महिलाओं से पुलिस पुरुष अधिकारी अधिक है
अपनी समस्या कैसे बताएं पुरुष पुलिस अधिकारीओ को जो महिला अधिकारी है तो डियुटी पर नहीं है 

  जानकारी लेने पर पता चला ६ पुलिस अधिकारी है और २महिला अधिकारी है दोनों ही छुट्टी जो विवेचना अधिकारी है
 महिला पुलिस सिपाही को अधिकार नहीं है
महिला थाने में शहर से लेकर ग्रामीणों से महिला थाने आती है लेकिन महिला थाने मैं पुरुष की फौज है 
जो कि २पुरुष पुलिस अधिकारी कि ड्यूटी के लिए पर्याप्त है 
क्योंकि महिलाओं को शरम और हिचकाहाट होती है इसलिए कुछ परसनल बात नहीं बता पाती है इसीलिए महिला थाना में महिला पुलिस और महिला अधिकारी अधिक होना चाहिए शायद पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों मालूम ही नहीं है कि महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था समस्या के लिए महिला पुलिस अधिकारी होना जरूरी है 
अधिक पुलिस या अधिकारीयों नहीं रहेना चाहिए थान में बेहतर बेठने की कोई व्यवस्था है लाकडाऊन भी परिवार के सदस्यों के भीड़ होने लगती है