पुलिस अधीक्षक को थाना कुंडम द्वाराआरोपों के आधार पर झूठे फसाए जाने पर प्रकरण कि निष्पक्ष जांच हेतु ज्ञापन सोपा - Bhaskar Crime

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पुलिस अधीक्षक को थाना कुंडम द्वाराआरोपों के आधार पर झूठे फसाए जाने पर प्रकरण कि निष्पक्ष जांच हेतु ज्ञापन सोपा

आज दिनांक 27 अगस्त 2020 को दोपहर में एक प्रतिनिधि मंडल के द्वारा श्रीमान पुलिस अधीक्षक जिला जबलपुर को एक लिखित ज्ञापन देकर निवेदन किया गया है
थाना कुंडम में अपराध क्रमांक 224/2020 में एक मामला कायम किया गया है ,जिसमें 4 व्यक्तियों बिट्टू बाल्मिक, सागर शुक्ला, अरविंद साहू, एवं राजा दुबे को आरोपी बनाया गया है
,प्रतिनिधिमंडल का यह कहना है, कि इन चारों आरोपियों की जांच  दोनों पक्षों को देखते हुए निष्पक्ष तरीके से की जावे प्रतिनिधि मंडल की ओर से अधिवक्ता अभिषेक श्रीवास्तव द्वारा श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय को लिखित पत्र के माध्यम से यह जानकारी दी गई ,कि दिनांक 21/08/2020 को जबलपुर में विक्टोरिया अस्पताल में गौरव और छोटू बर्मन की मृत्यु हुई थी, जिनके परिजनों के द्वारा यह आरोप लगाया गया है ,कि दिनांक 16/08/2020 को गौरव बर्मन के साथ उनके ही मोहल्ले में रहने वाले एवं परिचित चार व्यक्तियों बिट्टू बाल्मीकि, राजा दुबे ,सागर शुक्ला एवं अरविंद साहू के द्वारा मारपीट की गई थी इस मारपीट के कारण गौरव बर्मन की मृत्यु हुई। आरोपी गण के परिजनों द्वारा श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय को बताया गया है, कि दिनांक 16/08/2020 को की गई तथा कथित मारपीट के पश्चात 5 दिन तक मृतक गौरव और छोटू बर्मन जीवित था उसके द्वारा स्वयं किसी भी थाने में कोई लिखित शिकायत या मौखिक शिकायत नहीं दी गई है ,एवं इस बीच में मृतक दिनांक 20/08/2020 को खंड चिकित्सा अधिकारी कुंडम के कार्यालय में सामुदायिक चिकित्सा केंद्र कुंडम में उपस्थित हुआ था ,एवं अपने इलाज हेतु गया था ,वहां पर भी मृतक के द्वारा मारपीट से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी गई है ,कोई एमएलसी दर्ज नहीं की गई है। इसी प्रकार मृतक रांझी अस्पताल में इलाज हेतु 21/8/2020 हो गया था, जहां पर भी उसके द्वारा इलाज कराते समय संबंधित डॉक्टरों को कोई मारपीट से संबंधित जानकारी नहीं दी गई ना ही चिकित्सा केंद्र द्वारा कोई एमएलसी कराई गई है ,इसी क्रम में जब उसके परिजनों द्वारा मृतक को विक्टोरिया में भर्ती किया गया ,तब उसे भर्ती कराने के समय भी मृतक के परिजनों ने अथवा मृतक ने कोई भी जानकारी पुलिस को या चिकित्सा अधिकारियों को इस बाबत नहीं दी कि मृतक के साथ कोई मारपीट हुई थी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य श्री हरिशंकर शुक्ला द्वारा बताया गया कि मृतक नशे का आदी था, वह बहुत ज्यादा शराब एवं अन्य नशों का सेवन करता था, जिसके कारण आए दिन मृतक एवं उसके परिजनों के बीच में परिवार के सदस्यों के बीच में लड़ाई झगड़ा होता रहता था ,परिजनउसे शराब का नशा करने से रोकते थे जिसको लेकर मृतक मारपीट करता था ।परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट होती थी यह भी संभावना है कि परिजनों के द्वारा की गई आपसी मारपीट में मृतक को चोट आई हो एवमं मृतक की की मृत्यु पश्चात उसके परिजन उक्त मारपीट की घटना को छुपाने के लिए 16/08/2020 की मनगढन्त घटना पुलिस को बता रहे हैं और आरोप दूसरों के ऊपर मढ़ रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के द्वारा दिए गए ज्ञापन में यह भी लिख किया गया है कि मृतक 5 दिनों तक स्वस्थ अवस्था में कुंडम में घूमता रहा 16 अगस्त 2020 को यदि उसके साथ मारपीट की गई होती तो ऐसी स्थिति में मृतक फोर व्हीलर चला कर जबलपुर तक आना जाना नहीं कर पाता एवं टू व्हीलर से भी जबलपुर आना जाना नहीं कर सकता था जबकि मृतक 16 अगस्त से 20 अगस्त के बीच में दो बार एक बार चार पहिया वाहन से एक बार दो पहिया वाहन से जबलपुर आया है प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का कहना था कि मृतक के परिजनों द्वारा आरोपियों के विरुद्ध झूठे बयान देकर द्वेष एवं रंजिश के तहत उन्हें फंसाया जा रहा है इसलिए प्रकरण के दोनों पहलुओं की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है ,यदि पुलिस निष्पक्ष जांच करती है, तब इसमें वास्तविकता निकल कर सामने आएगी कि मृतक की मृत्यु का वास्तविक कारण क्या था। इस तारतम्य में प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के द्वारा श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय से निवेदन किया गया ,जिस पर श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा तुरंत ही उक्त आवेदन को मार्क कर के डीएसपी ग्रामीण को जांच हेतु अधिकृत कर दिया गया है आगामी जांच कार्यवाही डीएसपी ग्रामीण के द्वारा की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में आरोपी गण के परिजनों के अतिरिक्त श्री अखिलेश दीक्षित, श्री प्रेम शंकर शुक्ला ,श्री हरिशंकर शुक्ला, श्री अभिषेक श्रीवास्तव, अधिवक्ता श्री सौरभ शुक्ला अधिवक्ता श्री मंगेश ताम्हणकर अधिवक्ता सहित 15 से 20 लोग उपस्थित थे