राजधानी भोपाल में सब कुछ खुलने के बाद कोरोना का संक्रमण बेकाबू हो गया है दम तोड़ा, भोपाल में अब तक 14031 - Bhaskar Crime

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राजधानी भोपाल में सब कुछ खुलने के बाद कोरोना का संक्रमण बेकाबू हो गया है दम तोड़ा, भोपाल में अब तक 14031

भोपाल, कल शनिवार को सुबह चिरायु अस्पताल दम तोड़ा, भोपाल में अब तक 14031 कोरोना संक्रमित
राजभवन में फिर से 9 की रिपोर्ट पॉजिटिव,
 
राजधानी भोपाल में सब कुछ खुलने के बाद कोरोना का संक्रमण बेकाबू हो गया है। कोरोना संक्रमण अब हर गली-मोहल्ले में फैल रहा है। यहां एक सप्ताह में दूसरी बार 265 नए पॉजिटिव मरीज मिले। शनिवार को सुबह वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के ओएसडी सतीशचंद्र दुबे की कोरोना से मौत हो गई। वह चिरायु अस्पताल में भर्ती थे, इसकी पुष्टि स्वास्थ्य अधिकारियों ने की है।
*राजधानी में कोरोना:भोपाल में वित्त मंत्री के ओएसडी की कोरोना से मौत; आज 265 संक्रमित मिले, सितंबर के आखिरी तक मरीजों का आंकड़ा 20 हजार के करीब होगा*
दुबे की करीब 12 दिन पहले कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। वह वित्त विभाग में पदस्थ थे। देवड़ा के मंत्री बनने के बाद उनके ओएसडी हो गए थे। वह मूल रूप से हाट पिपलिया (देवास) के रहने वाले थे।
इधर, राजभवन में फिर से संक्रमण ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। यहां पर आज 9 कर्मचारी संक्रमित निकले। अब भोपाल में संक्रमितों की संख्या 14031 हो गई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर कोरोना इसी रफ्तार से बढ़ा तो सितंबर के आखिर तक आंकड़ा 20 हजार के करीब होगा।
वहीं, बसपा विधायक रामबाई की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। भोपाल की नेशनल लॉ एकेडमी से चार लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस अकादमी में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के विभागीय अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। राजधानी में अब तक 10825 मरीज स्वस्थ हो गए हैं। कोरोना से अब तक 334 की मौत हो गई है। 2064 मरीज ऐसे हैं जिनका उपचार कोविड केयर अस्पतालों में चल रहा है।
मध्य प्रदेश में सितंबर अंत तक हो जाएंगे एक लाख मरीज
प्रदेश में कुल संक्रमित अब 83,619 हैं। संक्रमण दर 9.5% हो गई है, जो गुरुवार को 9.2% थी। सभी 52 जिलों में 200 से ज्यादा केस हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का मानना है कि यदि यही रफ्तार रही तो सितंबर खत्म होने के पहले ही प्रदेश में कुल संक्रमित एक लाख हो जाएंगे। हालांकि सरकार ने इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी है। प्राइवेट अस्पतालों को जो आयुष्मान योजना से जुड़े हैं, वहां पर 20 फीसदी बेड कोरोना संक्रमितों के लिए आरक्षित करने का आदेश दिया है। इसमें प्रदेश के 175 अस्पताल हैं, जिसमें 61 प्राइवेट अस्पताल राजधानी भोपाल में हैं।
*घर पर बुजुर्ग अकेले हैं तो वहीं होगी उनकी सैंपलिंग*
ऐसे परिवार जिनमें युवा कोरोना से संक्रमित हैं और घर में बुजुर्ग माता-पिता हैं, जो जांच कराने के लिए बाहर नहीं जा सकते। उनके सैंपल घर पर ही लिए जाएंगे। हालांकि घर पर सैंपल लेने की व्यवस्था खत्म हो गई है लेकिन विशेष मामलों में एसडीएम को यह अधिकार रहेगा कि वे मेडिकल टीम भेजकर सैंपलिंग करवाएं। अब कोरोना की जांच अस्पताल में ही की जा रही है।
लगातार संक्रमण बढ़ने की वजह से घर जाकर सैंपल लेने की व्यवस्था बंद कर दी गई है। जिस घर में बुजुर्गों के सैंपल करवाने वाला कोई नहीं है और वे किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। तो वे एसडीएम, फीवर क्लिनिक, सीएमएचओ को अवगत करवा सकते हैं। एसडीएम को विशेष परिस्थितियों के लिए मेडिकल टीम दी गई है। वह इनका उपयोग इमरजेंसी में कर सकते हैं। हेल्पलाइन 104 पर भी समस्या बताई जा सकती है।

*नई जेल और जहांगीराबाद में 4-4 संक्रमित*
जहांगीराबाद स्थित पुरानी जेल 5 लोग निकले संक्रमित है। इसी तरह साकेत नगर से 11 लोग निकले संक्रमित है। एमपीनगर से 4 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बीयू परिसर होशंगाबाद रोड से 3 लोग निकले संक्रमित पाए गए है। जहांगीराबाद से 4 लोग निकले पॉजिटिव पाए गए है। ईएमई सेंटर में 5 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। नई जेल से 4 लोग संक्रमित निकले। इसी तरह जीएमसी से 3 लोग, अरेरा कॉलोनी से 3 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। प्रोफेसर काॅलोनी में भी एक संक्रमित मरीज मिला।