ड्यूटी करने वाले कोरोना योद्धाओं को नहीं मिली राशि - Bhaskar Crime

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ड्यूटी करने वाले कोरोना योद्धाओं को नहीं मिली राशि

 प्रदेशभर में अब तक 2800 से ज्यादा लोग कोरोना की भेंट चढ़कर असमय मौत के शिकार हुए हैं

संक्रमण काल में ड्यूटी करने वाले कोरोना योद्धाओं को नहीं मिली प्रोत्साहन राशि

सरकार के इस वादे के भरोसे प्रदेश के सैकड़ों डॉक्टर, आशा कार्यकर्ता सहित अन्य विभागों के कर्मचारि


भोपाल  राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण काल में ड्यूटी करने वालों को 10 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने का वादा किया था। सरकार के इस वादे के भरोसे प्रदेश के सैकड़ों डॉक्टर, आशा कार्यकर्ता सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों ने अपनी जान की बाजी लगाकर कोरोना संक्रमण काल में ड्यूटी की।अब जब कोरोना का संक्रमण पहले के मुकाबले थोड़ा कम हुआ तो सरकार इन कोरोना योद्धाओं को भूल गया। अप्रैल में किए गए प्रोत्साहन राशि देने के वादे को छह माह पूरे होने के बावजूद नहीं दिया गया। अब तक प्रदेश के किसी भी कोरोना योद्धा को प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई है। जबकि प्रदेश के करीब 10 हजार से ज्यादा डॉक्टर, आशा कार्यकर्ता व अन्य विभाग के कर्मचारी ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। अपनी जान की बाजी लगाकर संक्रमण काल में फर्ज निभा रहे कोरोना योद्धा सरकार के इस रवैए से दुखी और आक्रोशित हैं।


*जबलपुर में 40 स्वास्थ्य कार्यकर्ता हुए संक्रमित*

प्रदेशभर में अब तक 2800 से ज्यादा लोग कोरोना की भेंट चढ़कर असमय मौत के शिकार हुए हैं। कोरोना की इस जंग में प्रदेश के लगभग 2200 स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी संक्रमण का शिकार हुए हैं। जानकारी के मुताबिक जबलपुर में 40, आगर मालवा में सात, अलीराजपुर में 24, अनूपपुर में 41, अशोक नगर में 15, बालाघाट में 34, बड़वानी में 41, बैतूल में 22, बुरहानपुर में 19, भिंड में 26, भोपाल में 255, छतरपुर में 29, छिंदवाड़ा में 61, दमोह में 52, दतिया में 35, देवास में 54, धार में 58, डिंडोरी में 54, ग्वालियर में 75, हरदा में 27, होशंगाबाद में 67, इंदौर में 84, गुना में 33,  झाबुआ में 26, कटनी में 23, खंडवा में 13, खरगोन में 46, मंडला में 44, मंदसौर में 51, मुरैना में 54, नरसिंहपुर में 75, नीमच में 16, निवाड़ी में पांच, पन्नाा में 19, रायसेन में 49, राजगढ़ में 35, रतलाम में 54, रीवा में 42, सतना में 74, सागर में 35, सीहोर में 64, सिवनी में 58, शहडोल में 62, शाजापुर में 39, श्योपुर में 40, शिवपुरी में 64, सीधी में 45, सिंगरौली में 10, टीकमगढ़ में 25, उज्जैन में 55, उमरिया में 24 और विदिशा में 50 स्वास्थ्य कार्यकर्ता कोरोना संक्रमण का शिकार हुए हैं।


*स्वस्थ होने के बाद भी जूझ रहे शारीरिक समस्याओं से*


कोरोना संक्रमण का शिकार हुए कोरोना योद्धा अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अपने घर पंहुच गए, लेकिन वायरस के संक्रमण की वजह से कई समस्याएं परेशान कर रहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एक अधिकारी ने बताया कि वह कोरोना से रिकवर होने के बाद घर पंहुचे, लेकिन डेढ़ माह बाद उन्हें अचानक हाई ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ने की समस्या हो गई है। एक रात उनकी तबियत अचानक खराब हो गई। गनीमत रही कि वह समय से डॉक्टर के पास पंहुचे और अपना उपचार कराया। ऐसे कई कर्मचारी हैं जो रिकवर होने के बाद कई शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई लोगों के फेफड़ों में संक्रमण का गहरा असर हुआ है।