महाकाली विसर्जन के दौरान पुलिस द्वारा जिन पर लाठियां चलाई गई उन पर ही उल्टा मामले दर्ज किए गए - Bhaskar Crime

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महाकाली विसर्जन के दौरान पुलिस द्वारा जिन पर लाठियां चलाई गई उन पर ही उल्टा मामले दर्ज किए गए

 महाकाली विसर्जन के दौरान पुलिस की लाठीचार्ज के विरोध  में  जबलपुर समस्त हिंदूवादी संगठन का आक्रोश फूटा

आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस के विरुद्ध जमकर नारेबाजी लगाई और कहा कि पुलिस की ऐसी कार्रवाई या निंदनीय हैं


*पुलिस अधीक्षक कार्यालय घेराव के पहले ही छावनी में तब्दील कर रोका गया*

*सैकड़ों की संख्या की मांग दोषी पुलिस अधिकारी हों निलंबित*


वृद्ध महाकाली समिति गड़ा फाटक के विसर्जन चल समारोह के दौरान

सभी आक्रोशित हिंदूवादियो ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से दो मांग रखी:

1) पुलिस द्वारा जिन पर लाठियां चलाई गई उन पर ही उल्टा मामले दर्ज किए गए, उन पर लगे फर्जी मामलों को जल्द से जल्द वापस लिए जाएं।

2) दोषी पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की मांग रखी गई।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समेत सभी पुलिस अधिकारियों द्वारा दोनों मांगों को पूर्ण करने हेतु आश्वासन दिया गया।

पुलिस द्वारा की गई बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज के विरोध में आज जबलपुर समस्त हिंदूवादी संगठन के तत्वाधान में आज जबलपुर में सभी आक्रोशित हिंदू भाई एकत्रित होकर तहसील चौक से पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे तब ही पुलिस ने क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया। समस्त हिंदूवादी संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं के सैलाब को पुलिस द्वारा डेडीकेटिंग करते हुए रोका गया, कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक भी हुई , धक्का-मुक्की और झड़प हुई। सभी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने तहसील चौक में ही रोका और उनसे आगे नहीं बढ़ने का आग्रह किया।

विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि द्वारा यह  सवाल उठाए गए की :--

1) हमारे हिंदू धर्म के ही बड़े  कार्यक्रमों में पुलिस हमेशा हिंसक रूप  क्यों धारण कर लेती है। कार्यकर्ताओं को रोकने के पश्चात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार जी मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से वार्तालाप किया, आक्रोशित कार्यकर्ताओं के द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय से कहा गया कि महाकाली विसर्जन के दौरान पुलिस की गुंडागर्दी का पर्याय लाठियां कार्रवाई ने 8 से 10 हिंदू श्रद्धालुओं को घायल किया है और जिन कार्यकर्ताओं को घायल किया है उन पर ही मामले दर्ज कर लिए गए हैं। एक हिंदू त्यौहार के ऐसे जलसे में पुलिस को लाठी चलाने की अनुमति आखिर कौन ने दी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ऐसा कृत्य किया गया , उन पुलिस अधिकारियों की मंशा संदिग्ध है।पुलिस द्वारा घटनास्थल के पूर्व  भक्तों को गाली गलौज दी गई, धमकियां दी गई, अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, भगदड़ का वातावरण निर्मित किया गया। यह किसी पुलिस अधिकारी की सोची समझी साजिश के तहत महसूस होता है।

जबलपुर समस्त हिंदूवादी संगठन के प्रतिनिधियों ने आश्वासन को स्वीकार करते हुए 1 सप्ताह का समय देते हुए कहा कि यदि आश्वासन पर पुलिस प्रशासन खरा नहीं उतरता है तो समस्त हिंदूवादी संगठन पुनः और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला एवं पुलिस प्रशासन की होगी।

जबलपुर समस्त हिंदूवादी संगठन के योगेश अग्रवाल, अतुल जेसवानी, विकास खरे ,सुमित ठाकुर, विक्रम राजपूत, सुशील बर्मन,ad आशीष प्रजापति,अरविंद बाबा नीरज राजपूत,सत्यम जाटव,संजू पटेल सहित सैकड़ों की संख्या वमे कार्यकर्ता मौजूद रहे