कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के संपर्क में सिर्फ पांच मिनट रहना भी जोखिम भरा हो सकता है - Bhaskar Crime

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कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के संपर्क में सिर्फ पांच मिनट रहना भी जोखिम भरा हो सकता है

जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कालेज अस्पताल में हुआ
 सर्वे कान्टेक्ट हिस्ट्री के विश्लेषण के आधार पर निकला गया निष्कर्ष
*कोरोना मरीज के संपर्क में पांच मिनट भी रहे तो संक्रमण का खतरा*
जबलपुर/कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के असुरक्षित संपर्क में सिर्फ पांच मिनट रहना भी जोखिम भरा हो सकता है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कालेज अस्पताल के प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन (पीएसएम) विभाग, जबलपुर द्वारा किए गए शोध में यह बात सामने आई है। प्रोफेसर डा. नीलम टोप्पो की टीम ने शोध पत्र तैयार किया है।
इसके निष्कर्षों के मुताबिक तमाम ऐसे लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए, जो अनजाने में पांच मिनट के लिए संक्रमित मरीज के असुरक्षित संपर्क (बिना मास्क आदि) में आ गए थे। कोरोना पॉजिटिव मिले 56 मरीजों की कांटेक्ट हिस्ट्री के आधार पर विभाग ने यह शोध किया। इन मरीजों में मेडिकल कॉलेज के डाक्टर व स्वास्थ्य कर्मचारी भी शामिल हैं।

*जिनमें लक्षण नहीं, उन्होंने भी फैलाया संक्रमण*

निश्चेतना (एनेस्थीसिया) विभाग के एक डाक्टर को किसी अन्य बीमारी से पीड़ित मरीज को एक ट्यूब लगाने से पूर्व जनरल एनेस्थीसिया देना महंगा पड़ा। पांच मिनट की इस प्रक्रिया के दौरान डाक्टर तो मास्क व दस्ताने पहने हुए थे, लेकिन मरीज बिना मास्क व दस्ताने के ही विस्तर पर था। मरीज में कोरोना के प्रत्यक्ष लक्षण तब तक नहीं थे, लेकिन कुछ दिन बाद वह पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद जांच कराई गई तो पता चला कि डाक्टर भी संक्रमण की चपेट में आ गए हैं।

*महंगी पड़ी टिफिन की रोटी*

मेडिकल कॉलेज के दो डाक्टर साथ में भोजन कर रहे थे। इनमें से एक कोरोना संक्रमित थे, लेकिन एसिम्पटोमेटिक (लक्षण रहित) होने के कारण उन्हें बीमारी का पता नहीं था। कुछ दिन बाद जांच कराने पर कोरोना संक्रमण का पता चला। तब तक उनके साथ एक टिफिन से रोटी खाने वाले डाक्टर भी कोरोना संक्रमित हो गए थे। भोजन करने के दौरान दोनों डाक्टर करीब 22 मिनट तक एक-दूसरे के संपर्क में रहे थे।

*ये निष्कर्ष भी निकला*

32 प्रतिशत मरीज ऐसे थे, जो किसी एक संक्रमित मरीज के असुरक्षित संपर्क में सिर्फ एक बार आए थे और बाद में खुद भी कोरोना की चपेट में आ गए। इसके बीच संपर्क का कुल समय अधिकतम पांच मिनट रहा।
63 प्रतिशत मरीज ऐसे मिले, जो एक या एक से ज्यादा कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने से पाजिटिव हो गए। यहां संपर्क का समय करीब 30 मिनट रहा।
पांच प्रतिशत मरीज ऐसे मिले, जिनकी कांटेक्ट हिस्ट्री निकालने के बाद भी पता नहीं चला कि वे कोरोना की चपेट में कैसे आए।

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*इनका कहना है*

*डा. नीलम टोप्पो, प्रोफेसर, पीएसएम विभाग, मेडिकल कॉलेज अस्पताल जबलपुर ने बताया कि*

*शोध से पता चला है कि कोरोना मरीज के संपर्क में महज पांच मिनट रहने वाले भी संक्रमण की चपेट में आए है। उक्त शोध विभागाध्यक्ष व डीन डा. प्रदीप कसार के निर्देश पर किया गया।*