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 *******राशन की दुकानों पर डिजिटल होने के बाद भी धड़ल्ले से कालाबाजारी चल रही है खाद विभाग की मिलीभगत से************* मनोज विश्वकर्मा

           ऐसे भी लोग भ्रष्ट, हैं जो गरीबों को भी नहीं छोड़ते......


 डिजिटल राशन वितरण के बाद भी राशन की काली कमाई और कालाबाजारी धड़ल्ले से चल रही है आज भी कई राशन दुकान के पास फर्जी कार्ड है जो ब्लैक से गेहूं बेचे जा रहे हैं जिनका राशन आधार पर है उनको भी सरकारी रेट से अधिक बेचकर लाभ ले रहे हैं और खाद्य अधिकारी को हर महीने कमीशन दिया जाता है जिससे किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं होती आज भी कई शहर और ग्रामीणों ने में गेहूं चावल जो एक रुपए होने के बाद भी 15 से ₹20 बेचा जा रहा है लेकिन शासन-प्रशासन के कानों में जू तक नहीं नजर आ रही है कई राशन दुकान जो हफ्ते में दो या तीन दिन खुलती है बाकी दिन बंद रहने देती है लेकिन शासन प्रशासन द्वारा निर्देश दिया गया था कि 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे सभी दुकानें खुली रहना चाहिए लेकिन खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं किया जा रहा है लोग सुबह शाम परेशान होते हैं या फिर कलेक्टर द्वारा इनकी शिकायत के लिए एक अलग ही शिकायत बेटीया आवेदन द्वारा कार्यवाही किया जाए और उस क्षेत्र के अधिकारी को तुरंत निलंबित किया जाए और राशन दुकान को सील किया जाए जिससे गरीबों गरीब परेशान ना हो पाए