रेलवे ने अंडरब्रिज को चौड़ा करने के लिए अब नए सिरे से काम शुरू किया है। - Bhaskar Crime

Breaking

रेलवे ने अंडरब्रिज को चौड़ा करने के लिए अब नए सिरे से काम शुरू किया है।

 सड़कों को चौड़ा करने के साथ-साथ रेल अंडरब्रिज की चौड़ाई भी बढ़ाने की योजना है


अब होटल की तरफ से चौड़ा होगा रेल अंडरब्रिज नंबर-2

अंडरब्रिज को अब होटल ऋषि रेजेंसी के पास से चौड़ा किया जाएगा। दूसरी ओर रेलवे की कालोनी है, जहां अतिक्रमण नहीं है

जबलपुर।रेल अंडरब्रिज नंबर-2 को चौड़ा करने का रास्ता साफ हो गया है। रेलवे और नगर निगम के बीच सहमति बन गई है। रेलवे ने अंडरब्रिज को चौड़ा करने के लिए अब नए सिरे से काम शुरू किया है। अंडरब्रिज को अब होटल ऋषि रेजेंसी के पास से चौड़ा किया जाएगा। दूसरी ओर रेलवे की कालोनी है, जहां अतिक्रमण नहीं है। हालांकि अभी तक नगर निगम ने होटल के पास के अतिक्रमण नहीं हटाए हैं। सूत्र बताते हैं इस दौरान होटल के सामने का भी कुछ हिस्सा अलग किया जाएगा। नगर निगम की स्वीकृति मिलने के बाद 20 दिन के भीतर काम शुरू हो सकता है।

*तीन साल पहले दिए थे 5 करोड़*

शहर के बिगड़ते यातायात को सुधारने के लिए सड़कों को चौड़ा करने के साथ-साथ रेल अंडरब्रिज की चौड़ाई भी बढ़ाने की योजना है, ताकि इनके नीचे गुजरने वाले वाहन चालकों को जाम से राहत दी जा सके। रेल अंडरब्रिज बनाने की जिम्मेदारी रेलवे के पास थी और इस पर होने वाले खर्च का वहन नगर निगम को करना था। नगर निगम ने अंडरब्रिज नंबर दो, तीन और चार को चौड़ा करने के लिए तीन साल पहले रेलवे को तकरीबन 5 करोड़ दे दिए। इसके बाद रेलवे ने अंडरब्रिज नंबर चार को चौड़ा तो कर दिया, लेकिन दो और तीन को चौड़ा करने की जब बात आई तो मामला ड्राइंग और अतिक्रमण हटाने पर आकर अटक गया। वहीं रेलवे के पास पैसा जमा है, लेकिन रेल अंडरब्रिज नंबर-2 को चौड़ा करने के लिए नगर निगम ने अभी तक रेलवे की ड्राइंग को पास नहीं किया है और न ही इसके पास जमे अतिक्रमण हटाए हैं।

*अतिक्रमण न हटने से बदल रही ड्राइंग*

अंडरब्रिज नंबर 2 को तकरीबन साढ़े तीन से चार मीटर तक चौड़ा किया जाना है। नगर निगम और रेलवे दोनों के जिम्मेदार अधिकारियों ने इसका भौगोलिक निरीक्षण भी कर लिया। यहां तक कि दोनों विभाग के आला अधिकारियों की बैठक तक हो गई, लेकिन काम चर्चा से आगे नहीं बढ़ा। हमेशा अतिक्रमण हटाने को लेकर मामला फंस गया। रेल अंडरब्रिज नंबर-2 के पास बनी होटल ऋषि रेजेंसी के दूसरी ओर से अंडरब्रिज को चौड़ा किया जाना था। स्टेट बैंक मुख्यालय की ओर तो निगम की जमीन थी, लेकिन दूसरी ओर वेटरनरी कॉलेज की तरह रक्षा मंत्रालय की जमीन आ रही थी। इस पर जमे अतिक्रमण हटाने से नगर निगम पीछे हट गया।