याचिकाकर्ता पर एक लाख का जुर्माना प्राइवेट अस्पतालों को ज्यादा भुगतान के खिलाफ दायर याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज - Bhaskar Crime

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याचिकाकर्ता पर एक लाख का जुर्माना प्राइवेट अस्पतालों को ज्यादा भुगतान के खिलाफ दायर याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज

*प्राइवेट अस्पतालों को ज्यादा भुगतान के खिलाफ दायर याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की, याचिकाकर्ता पर एक लाख का जुर्माना*

कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना तथ्यों के इस तरह जनहित याचिका लगाकर कोर्ट का समय बर्बाद किया गया है।*

*कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर कोर्ट का समय बर्बाद करने और तथ्यहीन मामला रखने पर नाराजगी जताई*


याचिका में कहा गया था- प्राइवेट अस्पतालों को फायदा पहुंचाने के लिए ज्यादा भुगतान किया जा रहा

              कोर्ट का समय खराब किया

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इस याचिका को खारिज करते हुए तल्ख टिप्पणी की। कहा कि बिना तथ्यों के इस तरह जनहित याचिका लगाकर कोर्ट का समय बर्बाद किया गया है। याचिकाकर्ता भुवनेश्वर मिश्रा पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाते हुए अगले दो महीने में सीएम रिलीफ फंड में जमा करने का आदेश जारी किया।

जबलपुर  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने प्राइवेट अस्पतालों को फायदा पहुंचाने के लिए अधिक भुगतान का आरोप लगाने वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर कोर्ट का समय बर्बाद करने और तथ्यहीन मामला रखने पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। याचिकाकर्ता को जुर्माने की राशि दो महीने के अंदर सीएम रिलीफ फंड में जमा करने का आदेश दिया है।

भोपाल के एक्टिविस्ट भुवनेश्वर मिश्रा ने राज्य सरकार की ओर से निजी अस्पतालों को कोरोना डेडिकेटेड अस्पताल बनाने और प्रत्येक मरीज पर होने वाले 5400 रुपए के खर्च को जनहित याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। याचिका में राज्य सरकार पर आरोप लगाए गए थे कि निजी अस्पतालों को फायदा पहुंचाने के लिए अधिक भुगतान किया जा रहा है।

मामले में सरकार की ओर से जवाब पेश करते हुए कहा गया था कि याचिकाकर्ता ने बिना तथ्यों के आरोप लगाए हैं। आयुष्मान भारत योजना के मुताबिक ही राज्य सरकार ने निजी अस्पतालों को भुगतान किया।