नासूर बने शहर के अधिकांश नाले बिलहरी कालोनियों वासियों के लिए - Bhaskar Crime

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नासूर बने शहर के अधिकांश नाले बिलहरी कालोनियों वासियों के लिए

 बिलहरी क्षेत्र में जलप्लावन की समस्या के समाधान हेतु बेठाक  हर साल लाखों का नुकसान कोई सुनने वाला नहीं ना शासन-प्रशासन ना बिल्डर


 जनकल्याण समिति  बिलहरी कॉलोनी द्वारा विगय दिवस नालों का पानी को लेकर बिल्डर और शासन को कॉलोनियों के द्वारा शिकायत दिया गया

समिति द्वारा क्षेत्र से गुजरने वाली दोनों नालों के नाप जोस करने हेतु आवेदन दिया

नासूर बने शहर के अधिकांश नाले इस वर्ष बरसात में जबलपुर के कई स्थानों पर जलप्लावन की अभूतपूर्व स्थिति बनी

जनता जनार्दन की समस्याओं के प्रति शासन की उदासीनता की एक और बानगी सामने आई है।

बरसात खत्म हुए अभी एक पखवाडा भी नहीं बीता है और शासन ने बरसात के दौरान उत्पन्न हुई समस्याओं से मुख मोड कर रात गई बात गई वाला रुख अस्तियार कर लिया। इस वर्ष बरसात में जबलपुर के कई स्थानों पर जलप्लावन की अभूतपूर्व स्थिति बनी। जानकार लोगों का कहना है कि यह बिना प्लानिम के डेवलपमेन्ट, अतिकमण एवं लापरवाही का फल है। हमारे शहर में जलप्लावन की समस्या साल दर साल बढती जा रही है एवं ऐसा ही चलता रहा तो भविष्य में यह समस्या और विकराल रूप लेगी। जबलपुर को प्रदेश में नम्बर वन बनाने का सरकारी दावा खोखला है एवं जमीनी स्वर पर कुछ नही किया जा रहा है. दूसरी तरफ सौन्दर्यीकरण के नाम पर करोडो फूके जा रहे है।

विगत 11 अगस्त की रात को बिलहरी के अनको नवनिर्मित एवं पुरानी कोलीनीयों में गोरा बाजार से आने वाले नाले एवं खन्दारी नाले का पानी भर गया। इलाके के 1520 हजार रहवासियों को

स्वयं जमा करना पड़ा एवं लाखों का नुकसान उठाना पड़ा। लोगों का फर्निचर, गददे पलंग एवं कारें बून कर मार बन गई। शासन ने मुआवजा का कोई प्रावधान नहीं किया। पुलिस प्रशासन ने तो मुस्तैदी से लोगों को नान से रेलगू किया परन्तु प्रशासन एवं नगर निगम ने एक अधिकारी को भेज कर अपने जिम्मेदारी से इतिश्री कर ली।समस्या के माई समाधान हेतु बिलहरी जनकल्याण समिति द्वारा प्रशासन को बार बार ज्ञापन सौप कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया परन्तु सरकारी हीलाहवाली का आलग यह है कि इतनी मम्मीर समस्या को समय रहते सुलझाने के बजाय मामले को टाला जा रहा है। समिति द्वारा क्षेत्र से गुजरने वाली दोनों नालों के नाप जोस करने हेतु आवेदन दिया गया, जिम्मेदार अधिकारियों से मिला गया परन्तु प्रशासन लगातार टालने वाला रुख अपनाए हुए है। हाल में उडीसा में बने पूर्वी निम्न बान के चलते अक्टूबर में स्वयं प्रशासन द्वारा जबलपुर में भारी वर्षा की सम्मावना व्यव्त की थी. तत्पश्चात जलप्लावन का दंश झेल चुके बिलहरी जनकल्याण समिति के पदाधिकारियों ने सम्बन्धित अधिकारी से फोन पर चर्चा की तो उपरोक्त अधिकारी ने अमर्दता पूर्ण व्यवहार करते हुए गैर जिम्मेदाराना बयान दे गत दिवस ए पी आर कालोनी में सम्पन्न बैठक में क्षेत्र के जनता में प्रशासन के प्रति अत्यधिक असंतोष खुल कर प्रगट हुआ। यहां उल्लेखनीय है कि दैनिक भारकर द्वारा 11 अक्टूबर को शहर को जलप्लावन से बचाने हेतु अधिवक्ता धीरज सिह ताकुर द्वारा उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका यस प्रकाशित की थी जिसे उन्मा न्यायालय ने संज्ञान में लेते हुए प्रशासन से नालों की साफ কई एवं जोडी करण कार्य योजना प्रस्तुत करने हेतु समय दिया था. इसके बावजूद प्रशासन की इस इलाके की अनदेखी हेसन कर देने वाली है।