दबंग पूँजीपतीयों माफियों को बचाने में लगा प्रशासन नर्मदा गौ को बचाने में लगा है.सत्याग्रह जन जागरण जन आंदोलन - Bhaskar Crime

Breaking

दबंग पूँजीपतीयों माफियों को बचाने में लगा प्रशासन नर्मदा गौ को बचाने में लगा है.सत्याग्रह जन जागरण जन आंदोलन

 नर्मदा गौ सत्याग्रह की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा


जिले में पश्चिम केंट उत्तरमध्य पूर्व क्षेत्र में एवं बरगी पनागर पाटन बरेला में नर्मदा गौ भक्त सेकड़ो की संख्या में एकत्रित होकर तहसील कार्यालय पहुंच ज्ञापन दिया।

जिले में शहर व ग्रामीण तहसील मुख्यालयों में पहुंचे सैकड़ो भक्त प्रेमी नर्मदा पुत्र 


नर्मदा गौ सत्याग्रह की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा

नर्मदा पुत्र प्रशासन की उदासीनता अनदेखी से आक्रोशित

धर्म संविधान उच्च न्यायालय के आदेशों की लगातार हो रही अवहेलना बना जन आक्रोश का सबसे बड़ा कारण 

दबंग पूँजीपतीयों माफियों को बचाने में लगा प्रशासन नर्मदा गौ को बचाने में लग जाए नही तो उग्र होगा आंदोलन-नर्मदा गौ पुत्र


जबलपुर जिले में शहर व ग्रामीण तहसील मुख्यालयों में पहुंचे सैकड़ो भक्त प्रेमी नर्मदा पुत्र 

धर्म संविधान उच्च न्यायालय के आदेशों की लगातार हो रही अवहेलना बना जन आक्रोश का सबसे बड़ा कारण 

दबंग पूँजीपतीयों माफियों को बचाने में लगा प्रशासन नर्मदा गौ को बचाने में लग जाए नही तो उग्र होगा आंदोलन-नर्मदा गौ पुत्र नर्मदा गौ सत्याग्रह जन जागरण जन आंदोलन समिति से जुड़े अनेक संगठन संस्थाओं के सदस्यों एवं नर्मदा गौ भक्तों ने जबलपुर जिले की सभी तहसील मुख्यालयों में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

अमरकंटक से सम्पूर्ण नर्मदा पथ हरित क्षेत्र में दबंग पूँजीपतीयों माफियों द्वारा चल रहे अंधाधुंध अवैध निर्माण अतिक्रमण खनन भंडारण को लेकर प्रशासन की लापरवाही अनदेखी उदासीनता स्पष्ट दिखाई दे रही है साथ ही मौके स्थल पर अवैध निर्माण खुदाई भंडारण देखने के बावजूद शासन प्रशासन ना ही कोई ठोस कार्यवाही कर पा रहा है ना ही पूर्ण प्रतिबंध लगा पा रहा है  लगातार उच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी अवहेलना     होने व धर्म संविधान न्यापपालिका के आदेशों नीतियों के विरुद्ध चल रहे कार्यों व सत्याग्रह की सात सूत्रीय मांगों को लेकर अन्न का परित्याग कर बैठे समर्थ सदगुरु भैयाजी सरकार के स्वास्थ्य में लगातार आ रही कमी से आज पुनः प्रशासन को बोध कराने जिले के अनेक स्थानों मुख्यालयों में एकत्रित होकर ज्ञापन के साथ संदेश दिया।

मां नर्मदा के प्रति लगातार प्रशासन की अनदेखी लापवाही से जन आक्रोश बड़ी तीव्रता से फेल रहा है उग्र आंदोलन के लिए भक्त प्रेमी संगठित हो रहे।

नर्मदा गौ सत्याग्रह की सात सूत्रीय प्रमुख मांगे-

1)मां नर्मदा तट एच.एफ.एल.से 300 मीटर तक के हरित क्षेत्र को मान. उच्च न्यायालय के आदेशानुसार सीमांकन कर प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर तत्काल संरक्षित किया जाए।

2)माँ नर्मदा को जीवंत इकाई का दर्जा देकर ठोस नीति व कानून बनाए।

3)दबंग ,भू -खनन माफिया पूँजीपतियों द्वारा लगातार हो रहे हरित क्षेत्र में अवैध निर्माण,अतिक्रमण भंडारण,खनन तत्काल प्रतिबंधित कर अवैध साधन संसाधन भंडारण सामग्री को तत्काल राजसात किया जाए।

4)अमरकंटक तीर्थ क्षेत्र में हो रहे निर्माण अतिक्रमण खनन पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए।

5)माँ नर्मदा के जल में मिल रहे गंदे नालों विषैले रासायनों को बंद करने व अपशिष्ट द्रव्य पदार्थों के प्रबंधन हेतु प्रभावी ठोस कार्ययोजना लागू की जाए।

6)बेसहारा गौ वंश के लिए आरक्षित नगरीय निकायों की गौचर भूमि को संरक्षित किया जाए एवं अवैध अतिक्रमण निर्माण कब्जा से मुक्त कराया जाए।

7)मां नर्मदा पथ के तटवर्ती गांव नगरों को जैव विविधता क्षेत्र घोषित कर समग्र गौ नीति- गौ अभ्यारण सुनिश्चित किये जाएं।

जिसमें  उत्तर मध्य क्षेत्र-रविकरण साहू,अखिलेश दीक्षित,  पश्चिम क्षेत्र-संजू डेलन, संजय नाहटकर,सौरभ तिवारी ,अरविंद दुबे,रामरतन यादव,  केंट -शिव यादव,राजेश यादव,रविन्द्र कुशवाहा,कमलेश सिंह,  पाटन-छोटे राव साहब,सुजीत सिंह,शुभम,विवेक बबेले, पनागर-भारत सिंह यादव,संदीप सौंधिया ,राम निवास गौतम सतोष सैनी ,सुरेंद्र गिरी गोस्वामी, बरगी-नानू परिहार,आरती साहू, बरेला-संजय पटेल आदि बड़ी