बेटा आपनी पत्नी के साथ मां पर अत्याचार करने लगा मकान हथियाने के लिए मारपीट भी किया - Bhaskar Crime

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बेटा आपनी पत्नी के साथ मां पर अत्याचार करने लगा मकान हथियाने के लिए मारपीट भी किया


मकान हथियाने के लिए उनकी मारपीट शुरू कर दी। यहां तक कि उन्हें कई बार भूखे पेट सोना पड़ा। 

 जिला प्रशासन ने कलयुगी बेटा और बहू को किया बेदखल

कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा ने मोबाइल पर वृद्ध महिला से बात की और सुनकर उनकी आंखें नरम हो गई 

(1साल से परेशान वृद्ध महिला को मिला 3 दिन में न्याय)



जबलपुर-  मां ने 9 महीने कोख में रखकर तमाम कष्ट सहे। बेटे ने दुनिया में कदम रखा तो माता -पिता ने चलना सिखाया। उसे इस काबिल बनाया वह अपने पैरों पर खड़ा हो सके। जब उन्ही मां-बाप की सेवा करने की बारी आई तो बेटा आपनी पत्नी के साथ उन पर अत्याचार करने लगा। मकान हथियाने के लिए उनकी मारपीट शुरू कर दी। यहां तक कि उन्हें कई बार भूखे पेट सोना पड़ा। अपने प्राण बचाकर बेटी के घर चली गई कई बार समझाने पर भी बेटे-बहू नहीं माने तो दुखी मां ने पुत्री के सहयोग से  केयर बाय कलेक्टर  व्हाट्सएप ग्रुप पर  मैसेज भेज कर आपबीती लिखते हुए मदद की गुहार लगाई जिसको पढ़ कर कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा ने मोबाइल पर वृद्ध महिला से बात की और सुनकर उनकी आंखें नरम हो गई और उन्होंने एसडीएम गोरखपुर को मैसेज फॉरवर्ड करते हुए अत्याचारी बेटा बहू को मकान से बेदखल करते हुए पीड़ित माता को मकान दिलवाए अनुविभागीय अधिकारी गोरखपुर श्री मणींद्र सिंह ने तत्परता कार्रवाई करते हुए बेटा और बहू को 7 दिन के अंदर मकान खाली करने का आदेश दिया आदेश मिलते ही वृद्ध महिला ने जिला कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं 1 साल से परेशान थी और कलेक्टर साहब ने 3 दिन के अंदर मुझे न्याय दिला दिया*


विस्तृत जानकारी के अनुसार रामपुर छापर निवासी 67 वर्षी श्रीमती निर्मला खत्री पति स्वर्गीय श्री ओमप्रकाश खत्री दोनों विद्युत मंडल में कार्य करते थे दोनों ने मिलकर रामपुर छापर में मकान खरीदा था और इकलौती पुत्र अंबर खत्री को पढ़ा लिखा कर बड़ा किया और उसकी शादी अंजली से करवा दिया कि बुढ़ापे में बेटा बहू मां बाप की सेवा करेंगे  पति की मृत्यु के पश्चात बेटा और बहू ने  योजनाबद्ध तरीके से मां से मकान अपने नाम करवाना चाहते थे जब मां ने नहीं किया तो दिन भर खाना नहीं देते थे और मारपीट तक करते थे 1 दिन तो मर्यादाओं की सारी सीमाएं लांग ते हुए अपनी मां को घर से बाहर धक्का देकर निकाल दिया और दरवाजे बंद कर लिए किसी पड़ोसी ने उनकी बेटी श्रीमती मोना भाटिया को फोन किया फोन मिलती की बेटी अपनी मां को लेकर घर आ गई और न्याय के लिए चक्कर लगती रही एक दिन बेटी की नजर समाचार पत्र पर पढी और केयर बाय कलेक्टर के मोबाइल पर मैसेज किया जिसको पढकर कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी गोरखपुर को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया जिसके फलस्वरूप एसडीएम ने  अंबर खत्री पिता स्वर्गीय ओम प्रकाश खत्री और श्रीमती अंजलि खत्री पति अंबर खत्री को मध्य प्रदेश माता पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण तथा कल्याण नियम 20 (2) एक, दो(3) के अनुसार  आदेश पारित करते हुए 7 दिन के अंदर मकान खाली करते हुए निर्मला खत्री को सौंपने का आदेश जारी किया आदेश मिलने के उपरांत निर्मला खत्री ने कहा कि वे 18 दिसंबर को मकान पर अपना कब्जा लेवेगी