भूख हड़ताल पर बैठे यूनियन केपदाधिकारियों द्वारा जूस पिलाकर समापन किया गया - Bhaskar Crime

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भूख हड़ताल पर बैठे यूनियन केपदाधिकारियों द्वारा जूस पिलाकर समापन किया गया

मैनेजमेंट को चाहिए कि जल्द से जल्द अनुकम्पा नियुक्ति एवं 1 करोड़ के टर्म इंसुरेंस हेतु सकारात्मक पहल करे अन्यथा यूनियन को बड़े आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा


भूख हड़ताल पर बैठे यूनियन के पदाधिकारियों की भूख हड़ताल का समापन यूनियन के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों द्वारा जूस पिलाकर किया गया



 कर्मचारियों के लिए अनुकम्पा नियुक्ति एवं 1 करोड़ रुपये के टर्म इंसुरेंस की मांग को लेकर ऑल इंडिया भेल एम्प्लाईज यूनियन ने की 1 दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल

कर्मचारियों की प्रमुख दो मांगों अनुकंपा नियुक्ति एवं एक करोड़ रुपये टर्म इंश्योरेंस प्लान शीघ्र लागू करवाने हेतु ऑल इंडिया भेल एम्प्लाईज यूनियन द्वारा एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल आज दिनांक 08/12/2020 को भेल के द्वार क्र.5 फाउंड्री गेट क्रांति स्थल पर रखी गयी साथ ही विगत वर्षों में मृतक भेल कर्मचारियों के लिए श्रधांजलि सभा भी रखी गयी इस भूख हड़ताल के द्वारा प्रबंधन को चेताया गया कि यदि प्रबंधन ने कर्मचारियों की ये दो मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया तो ये सांकेतिक भूख  हड़ताल अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल में भी परिवर्तित हो सकती। 

1 दिवसीय भूख हड़ताल में ऑल इंडिया भेल एम्प्लाईज यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं इकाई महासचिव रामनारायन गिरी, भोपाल इकाई के अध्यक्ष अख्तर खान,उपाध्यक्ष धर्मेंद्र दहाट, कोषाध्यक्ष संजीब नंदा,चिकित्सा सलाहकार समिति के सदस्य ऋषिकेश मीणा ये 5 लोग भूख हड़ताल पर रहे।

रामनारायन गिरी ने मंच से कहा कि विगत 12 वर्षों में भेल भोपाल के लगभग 400 कर्मचारी असमय ही काल के ग्रास में समा गए। आज इन कर्मचारियों के परिवार की दयनीय हालत का अंदाजा भी लगाना बहुत मुशकिल है

ऑल इंडिया भेल एम्प्लाईज यूनियन द्वारा विगत कई वर्षों से लगातार अनुकम्पा नियुक्ति की मांग की जाती रही है, परन्तु प्रबंधन इतने गंभीर विषय पर मूकदर्शक बना हुआ है। कोरोना महामारी के कारण देश में मौत का आंकड़ा लाखों में पहुंच चुका है इससे भेल भोपाल भी अछूता नहीं रहा है कई कर्मचारी इस महामारी के संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं और हाल ही में भेल के कुछ कर्मचारी इस महामारी से असमय ही दिवंगत हो चुके हैं परन्तु फिर भी भेल की आर्थिक स्थिति को सुधारने हेतु कर्मचारी इस महामारी के जोखिम के बावजूद लगातार पूर्ण क्षमता से उत्पादन कार्यों में लगे हुए है ऑल इंडिया भेल एम्प्लाईज यूनियन द्वारा कर्मचारियों के आश्रितों के जीवन को सुरक्षित करने हेतु लगातार एक करोड़ रुपये की टर्म इंश्योरेंस प्लान की मांग भी करती रही है प्रबंधन द्वारा इस मांग पर सकारात्मक पहल तो दिखाई गयी पर अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया और इस मांग को भी प्रबंधन ने ठंडे बस्ते में डाल दिया