एसडीएम-तहसीलदार,से लेकर नायब तहसीलदार को अब लंबित प्रकरण नहीं सुलझाने पर जुर्माना चुकाना पड़ेगा - Bhaskar Crime

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एसडीएम-तहसीलदार,से लेकर नायब तहसीलदार को अब लंबित प्रकरण नहीं सुलझाने पर जुर्माना चुकाना पड़ेगा

 विवादित-अविवादित सभी तरह के लंबित मामलों की सूची तैयार होने लगी है


छह माह से ज्यादा लंबित प्रकरणों में राजस्व अधिकारी चुकाएंगे जुर्माना

एसडीएम-तहसीलदार,से लेकर नायब तहसीलदार को अब लंबित प्रकरण नहीं सुलझाने पर जुर्माना चुकाना होगा

जबलपुर,  जिले के एसडीएम-तहसीलदार, नायब तहसीलदार अब लंबित प्रकरण नहीं सुलझाने पर जुर्माना चुकाना होगा। 

कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने पिछली समीक्षा बैठक में यह निर्देश जारी किए थे। जिस पर तेजी से समीक्षा का कार्य भी प्रारंभ हो गया है। एसडीएम-तहसीलदार न्यायालयों में आज भी बड़ी संख्या में छह माह से ज्यादा समय वाले प्रकरण लंबित हैं। विवादित-अविवादित सभी तरह के लंबित मामलों की सूची तैयार होने लगी है।जल्द ही अधिकारियों के ऊपर लगने वाले जुर्माने की सूची भी सामने आ जाएगी।

*इस तरह हो रहा आकलन* 

जिला ई गर्वनेंस शाखा को लंबित प्रकरणों की सूची तैयार करने कहा गया है। 3 माह, 6 माह से लेकर एक साल, दो साल और तीन साल की अविध में लंबित प्रकरणों की जानकारी सभी राजस्व न्यायालयों के लिए तैयार की जा रही है। इसमें यह भी देखा जाएगा कि कितने मामले विवादित है और कितनों में कोई विवाद नहीं है। जो बिना विवाद वाले प्रकरण है, उनमें सबसे पहले जुर्माना कार्रवाई की जाएगी।

*सुबह से रात तक प्रकरण कर रहे स्केन*

शहर व ग्रामीण क्षेत्र के सभी एसडीएम-तहसीलदार कार्यालयों में ऑपरेटर से लेकर अधिकारी अपनी आइडी से प्रकरणों को निपटारा करने में जुटे हैं। गोरखपुर,अधारताल,रांझी तहसील में सुबह 10 बजे से कर्मचारियों को बुलाया जाता है। वहीं अधिकारी रात 10 बजे तक प्रकरणों का निराकरण करते हैं। आदेश जारी होते ही उसे रेवेन्यू केस मानीटरिंग साफ्टवेयर में स्केन कर दर्ज किया जाने लगा है। जिससे अधिकारी की कोर्ट में शामिल लंबित प्रकरणों की संख्या को कम किया जा सके।