कोर्ट ने तर्क से सहमत होते हुए जेडीए के उक्त दोनों नोटिफिकेशन निरस्त कर दिए - Bhaskar Crime

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कोर्ट ने तर्क से सहमत होते हुए जेडीए के उक्त दोनों नोटिफिकेशन निरस्त कर दिए

 जस्टिस संजय द्विवेदी की सिंगल बेंच ने इस सम्बंध में जारी जेडीए के नोटिफिकेशन निरस्त कर दिए


जबलपुर निवासी मनीष कुमार की ओर से दायर याचिका में कहा गया 

हाई कोर्ट ने कहा- जेडीए संपत्ति नीलामी के लिए कलेक्टर रेट से न्यूनतम रिजर्व कीमत तय करे

सुनवाई के बाद कोर्ट ने तर्क से सहमत होते हुए जेडीए के उक्त दोनों नोटिफिकेशन निरस्त कर दिए

जबलपुर,/मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) को निर्देश दिये कि संपत्ति नीलामी के लिए उसकी कलेक्टर रेट के हिसाब से न्यूनतम रिजर्व कीमत तय की जाए। जस्टिस संजय द्विवेदी की सिंगल बेंच ने इस सम्बंध में जारी जेडीए के नोटिफिकेशन निरस्त कर दिए। 

कोर्ट ने जेडीए को छूट दी कि 2018 के नियमों का पालन करते हुए उचित न्यूनतम रिजर्व कीमत तय कर नोटिफिकेशन फिर से जारी किए जा सकते हैं। जबलपुर निवासी मनीष कुमार की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि जबलपुर विकास प्राधिकरण ने 28 व 30 जुलाई 2020 को दो अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी कर विभिन्न प्लाटों की नीलामी के लिए ऑनलाइन बिड्स आमंत्रित की। लेकिन इसके लिए जेडीए ने मध्य प्रदेश प्राप्त प्राधिकरण की संपत्तियों का प्रबंधन तथा व्ययन नियम 2018 के प्रावधानों का पालन करते हुए न्यूनतम रिजर्व कीमत तय नहीं की।

नियम के तहत प्रावधान किया गया है कि विकास प्राधिकरण को संपत्ति की नीलामी के पूर्व कलेक्ट्रेट के हिसाब से उसकी न्यूनतम रिजर्व कीमत तय करनी चाहिए। अधिवक्ता आकाश कुमार ने तर्क दिया कि जेडीए की इस विसंगति के चलते नीलाम किए जाने वाले प्लॉटों की कीमतें मनमानी तरीके से बहुत अधिक कर दी गई हैं। जिसके चलते याचिकाकर्ता व अन्य लोग इनकी नीलामी में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उक्त नियम का उल्लंघन कर की जा रही नीलामी अनुचित है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने तर्क से सहमत होते हुए जेडीए के उक्त दोनों नोटिफिकेशन निरस्त कर दिए। इस आदेश को नज़ीर की तरह लिया जा रहा है। पूर्व में इस तरह के आदेश के अभाव में जेडीए की मनमानी जारी थी। अब ऐसा नहीं होगा। यह आदेश संदर्भ की तरह बार-बार रेखांकित होगा। याचिकाकर्ता ने परेशानी से निजात पा ली, साथ ही भविष्य में अन्य को भी राहत का रास्ता साफ हो गया।