रविवार को फुटपाथ पर बेटी के कपड़े में मिले दो वर्षीय मासूम की हुई पहचान, - Bhaskar Crime

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रविवार को फुटपाथ पर बेटी के कपड़े में मिले दो वर्षीय मासूम की हुई पहचान,

रविवार को फुटपाथ पर बेटी के कपड़े में मिले दो वर्षीय मासूम की हुई पहचान, नरसिंहपुर महिला का दावा 3 जनवरी को चोरी हुआ था बेटा*


डायल-100 पर बेटे के गायब होने की मंगलवार को दी थी सूचना, जबलपुर पहुंची महिला के सुपुर्द किया गया मासूम

आईजी ने मासूम को सुरक्षित उसकी मां से मिलवाने वाले एसआई व आरक्षक को सम्मानित किया

जबलपुर/ओमती क्षेत्र के चंदनवन के पास बीते रविवार को फुटपाथ पर अकेले मिले दो वर्षीय मासूम काे 13 दिन बाद मां की ममता मिली। तीन जनवरी को कोई रेलवे स्टेशन से मासूम को अगवा कर ले गया था। तब से उसकी मां उसे पागलों की तरह ढूंढ रही थी। मंगलवार को उसने डायल-100 पर बेटे के गुम होने की सूचना दी। बुधवार को बेटा उसकी आंचल में पहुंच चुका था। मां-बेटे तो मिल गए, लेकिन अब भी कई सवाल अनुत्तरित रह गए हैं, जिसे पुलिस सुलझाए बिना ही इनाम लेकर खुश हो गई।

*आईजी भगवत सिंह चौहान ने मासूम को सुरक्षित उसकी मां से मिलवाने वाले एसआई व आरक्षक को सम्मानित किया*


मासूम को सुरक्षित मातृछाया में पहुंचाने और फिर उसकी मां से मिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एसआई सतीष झारिया और आरक्षक वीरेंद्र सिंह को आईजी भगवत सिंह चौहान ने एक हजार रुपए के नकद ईनाम व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। 

मासूम को उसकी मां का आंचल मिल गया। पुलिस की संवेदना को पुरस्कार मिला गया, लेकिन असल सवाल अब भी जहां थे, वहीं हैं। टीआई ओमती एसपीएस बघेल ने बताया कि इस मामले की जांच जारी है।

*ये है पूरी कहानी  मासूम की पहचान  चिचली नरसिंहपुर निवासी सुमन विश्वकर्मा ने अपने दो वर्षीय बेटे पवन विश्वकर्मा के रूप में की। सुमन के मुताबिक उसका पति राकेश विश्वकर्मा गांव-गांव घूमकर सिलाई मशीन ठीक करता है। इसके चलते वह कई-कई दिनों तक घर से बाहर रहता है। एक जनवरी को वह बेटे को लेकर खुद को दिखाने जबलपुर आई थी। दो जनवरी को उसने विक्टोरिया में खुद को दिखाया और रात में स्टेशन पर ही रुक गई। तीन जनवरी की सुबह देखी तो उसका बेटा गायब था। तब से वह बेटे को ढूंढ रही थी। हालांकि उसने बेटे के गुम होने की सूचना कहीं नहीं दी।

*16 को लौट गई थी घर*

सुमन बेटे को बदहवासी की हालत में पूरे शहर में ढूंढती रही। 16 को थक हार कर वह नरसिंहपुर लौट गई। 18 को उसके बड़े बेटे आकाश को पता चला कि जबलपुर में एक दो वर्ष का बच्चा फुटपाथ पर मिला है। तब उसने मंगलवार को अपने भाई की गुम होने की सूचना डायल-100 पर दी। इसके बाद जीआरपी जबलपुर के टीआई सुनील नेमा ने परिवार को बुलाया। यहां ओमती पुलिस से बात की। इसके बाद ओमती थाने के एसआई सतीश झारिया सुमन को लेकर मातृ छाया पहुंचे। वहां सुमन ने बेटे की पहचान की। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मासूम को उसके सुपुर्द किया गया।

*17 जनवरी को दोपहर में मिला था मासूम*

रविवार को चंदन वन के पास फुटपाथ पर मासूम को कोई रिक्शा वाला फुटपाथ पर छोड़ गया था। चार घंटे से फुटपाथ पर अकेले पड़े मासूम पर वहां से निकल रहे कॉलेज कॉलेज छात्र नमन चौकसे और उसके साथियों की नजर पड़ी। उन्होंने डायल-100 पर सूचना दी। तब ओमती थाने के एसआई सतीश झारिया आरक्षक वीरेंद्र सिंह, राजेंद्र कुमार, ड्राइवर राजकुमार भांवरे के साथ पहुंचे। मासूम को अस्पताल में चिकित्सक को दिखाने के बाद मातृ छाया में रखवाया था। मासूम फ्रॉक में मिला था। पहले लोग उसे बेटी ही समझते रहे। उसी दौरान उसने शौच कर दिया, तब पता चला कि वह बेटा है।