महामारी से बचाने के लिए खुद की जान की बाजी लगाई सच्ची श्रद्धांजलि - Bhaskar Crime

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महामारी से बचाने के लिए खुद की जान की बाजी लगाई सच्ची श्रद्धांजलि

 असली कोरोना योद्धा जिन्होंने लगा दी जान की बाजी, उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि


कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान उन कोरोना योद्धाओं के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है 

जिन्होंने लोगों को महामारी से बचाने के लिए खुद की जान की बाजी लगाई

बलपुर/कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान उन असली कोरोना योद्धाओं के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है जिन्होंने लोगों को महामारी से बचाने के लिए खुद की जान की बाजी लगा दी।


 सबसे पहला नाम आता है गोपाल सिंह जगेत का जो खितौला में थाना प्रभारी थे। कोराना महामारी से क्षेत्र के नागरिकों को बचाने में उनकी भूमिका को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। इसी प्रकार प्रधान आरक्षक अभय नौरिया, मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स रहीं सीमा विनीत तथा राजस्व निरीक्षक मनोज राय के योगदान को भी नहीं भुलाया जा सकेगा। कोरोना का टीका इन बलिदानियों के लिए श्रद्धांजलि है।


गोपाल सिंह जगेत, थाना प्रभारी: खितौला में थाना प्रभारी रहे गोपाल सिंह जगेत (58) की 10 अक्टूबर माह में निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। वे कोरोना महामारी की चपेट में आ गए थे। 18 सितंबर को उन्हें शहर स्थित निजी अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था। वे 1987 में पुलिस विभाग में आरक्षक पद पर भर्ती हुए थे। 2009 में वे निरीक्षक पद पर पदोन्न्त हुए थे। कोरोना संक्रमण काल में उन्होंने जान की परवाह किए बगैर लोगों को संक्रमण से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

*सीमा विनीत, स्टाफ नर्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल:* 

नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पदस्थ स्टाफ नर्स सीमा विनीत (46) की कोरोना वायरस से संक्रमित होने के कारण मौत हो गई थी। सीमा कोविड-19 वार्ड क्रमांक 3 में इंचार्ज थीं। कुछ समय वहां ड्यूटी करने के बाद उन्हें अन्य वार्ड की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी। कोविड वार्ड में ड्यूटी के दौरान वे कोरोना की चपेट में आ गई थीं। उन्हें स्पाइनल इंजूरी सेंटर के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया था। जहां हालत बिगड़ने के बाद सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भेजा गया जहां उनकी मौत हो गई थी।

अभय नौरिया, प्रधान आरक्षक*

लार्डगंज थाने में पदस्थ रहे प्रधान आरक्षक अभय नौरिया की कोरोना महामारी की चपेट में आने से अक्टूबर में मौत हो गई थी। कोरोना संक्रमण के खतरे की परवाह किए बगैर नौरिया कोविड के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार ड्यूटी कर लोगों को महामारी से बचाने की कवायद में जुटे थे। इस बीच अपराधियों की धरपकड़ व उनकी पतासाजी में भी वे पूरी जिम्मेदारी से डटे रहे। अक्टूबर माह में वे कोरोना की चपेट में आए, जिसके बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

*राजस्व निरीक्षक मनोज राय* 

रांझी एसडीएम कार्यालय में पदस्थ रहे राजस्व निरीक्षक मनोज राय की कोरोना संक्रमण के चलते अगस्त माह में मौत हो गई थी। कोरोना संक्रमण काल में वे महामारी की रोकथाम के प्रयासों में सक्रिय भूमिका में थे। उसी दौरान वायरस के संक्रमण की चपेट में आ गए। कोरोना का संक्रमण निमोनिया में तब्दील हो गया जिसके बाद चिकित्सकों की कोशिश नाकाम हो गई। उन्हें नहीं बचाया जा सका।