देहदान व अंगों का महादान होता है,145 देहदान परिवारों के प्रति आभार और प्रशस्ति पत्र दिया - Bhaskar Crime

Breaking

देहदान व अंगों का महादान होता है,145 देहदान परिवारों के प्रति आभार और प्रशस्ति पत्र दिया

 145 परिवारों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए आगे कहा कि मरणोपरांत देहदान संकल्प लिया

*महादान से अमर हो जाता नश्वर शरीर, .. कलेक्टर श्री शर्मा*


*जिला प्रशासन चलाएगा देहदान जनचेतना अभियान*

*(जिला प्रशासन ने 145  देहदान परिवारों के प्रति आभार और प्रशस्ति पत्र दिया)*

महादान से बड़ा कोई दान नहीं होता है सांस थमने के बाद शरीर का दान करने वाला देह व अंगों का महादान होता है, 


जबलपुर / कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा  ने कहा की ईश्वर का दिया है हमारा शरीर और सारे दान शरीर के जरिए ही होते हैं।नश्वर शरीर भी आपको अमर कर सकता है। जीवनभर प्रमुख पर्वो व अनुष्ठानों पर किए गए दानों में देह का महादान से बड़ा कोई दान नहीं होता है सांस थमने के बाद शरीर का दान करने वाला देह व अंगों का महादान होता है, क्योंकि इससे दूसरों की भलाई होती है।


ऐसा करने वाला व्यक्ति प्रभु की कृपा का पात्र और दुनिया की नजरों में महान बनता है। उपरोक्त विचार आज कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में देहदान करने वाले परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए 145 परिवारों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए आगे कहा कि मरणोपरांत देहदान संकल्प लेकर अद्भुत मिशाल पेश की। इनकी एवं इनके परिवार की जितनी तारीफ की जाए वह कम होगी आने वाले भविष्य में चिकित्सा शिक्षा के लिए बहुमूल्य वरदान होगा इनका संकल्प,

 आज 145 लोगों में जिला प्रशासन के 15 अधिकारी कर्मचारियों के साथ 13 जोड़ों ने पति पत्नी सहित 20 महिलाओ और 35  पुरुषों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया 


कार्यक्रम का संचालन विद्युत मंडल में कार्यरत उमाशंकर दुबे ने किया इस अवसर पर  अनुविभागीय अधिकारी श्री अनुराग तिवारी मेडिकल डीन प्रदीप कसार  मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी मनीष मिश्रा नगर निगम उपायुक्त एकता अग्रवाल नगर निगम शिक्षा अधिकारी बीना वर्गिस के साथ कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम से  उमाशंकर अवस्थी,अनिल मरावी जॉनी वॉकर लारेंस चौरी एवं  उमेश यादव अादि  उपस्थित थे

 *जिला प्रशासन चलाएगा देहदान जनचेतना अभियान* 

कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा  ने कहा की ईश्वर का दिया है हमारा शरीर और सारे दान शरीर के जरिए ही होते हैं। ऐसे में दुनिया से हमेशा के लिए जाते समय अगर शरीर और अंगों का दान दिया जाए तो उससे बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं होता है  वर्तमान और आने वाले भविष्य के लिए चिकित्सा शिक्षा की आश्यकताओ को देखते हुए देहदान अभियान को और तेज किया जा रहा है लोगों से अपील है कि वे  पासपोर्ट फोटो और आधार कार्ड के साथ कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम  कक्ष क्रमांक 9 पर उपस्थित होकर निर्धारित फॉर्म भर सकते हैं