शराब ठेकों की लाइसेंस फीस 10 प्रतिशत तक बढ़ाई गई. मध्य प्रदेश में नई आबकारी नीति - Bhaskar Crime

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शराब ठेकों की लाइसेंस फीस 10 प्रतिशत तक बढ़ाई गई. मध्य प्रदेश में नई आबकारी नीति

 मध्य प्रदेश सरकार का तर्क है कि प्रदेश में शराब महंगी हैं, जिसके चलते गरीब दूसरे रसायन की तरफ जाता हैं.


मध्य प्रदेश में नई आबकारी नीति मंजूर, शराब ठेकों की लाइसेंस फीस 10 प्रतिशत तक बढ़ाई गई

शराब ठेकेदार नहीं चाहते उनका ठेका निरस्त कर नया टेंडर जारी किया जायेगा.

शिवराज कैबिनेट ने शराब के ठेकों को 10 प्रतिशत लाइसेंस फी बढ़ाने के साथ उनका कार्यकाल बढ़ा दिया हैं. इस कार्यकाल को 31 मार्च 2022 तक बढ़ाने का फैसला लिया गया हैं

.शराब व्यापारी लाइसेंस फीस बढ़ाने का विरोध कर रहे थे. इसे देखते हुए इसमें प्रावधान किया गया है कि जो शराब ठेकेदार नहीं चाहतेउनका ठेका निरस्त कर नया टेंडर जारी किया जायेगा.

आबकारी नीति के तहत शराब ठेकों पर अब 90ml का पाउच मिलेगा. अभी तक 180ml का पाउच ही मिलता था. सरकार का तर्क है कि प्रदेश में शराब महंगी हैं, जिसके चलते गरीब दूसरे रसायन की तरफ जाता हैं. इससे बीमारियां और उसकी मौत भी हो जाती हैं.

पीएम आवास योजना के तहत अब नजूल की जमीन पर नगरीय निकाय का भू-स्वामी हक होगा, जिससे काम में रुकावट नहीं आएगी.इंदिरा सागर बांध के प्रभावितों को पट्टों का स्वामी हक मिलेगा.इंदिरा सागर बांध परियोजना में डूब प्रभावित परिवारों को जो पट्टे दिए गए थे, उन पदों का भूमि-स्वामी हक परिवारों को देने का कैबिनेट ने फैसला लिया.

 लगभग 2,392 लोगों को इसका लाभ मिलेगा.कैबिनेट ने कोरोना संक्रमण को लेकर भी समीक्षा की

. इस दौरान बताया गया कि मध्य प्रदेश तीसरे और चौथे स्थान से 15 स्थान पर आ गया हैं. प्रदेश में कोरोना की पॉजिटिविटी रेट 11.13 रह गई हैं. आज की तारीख में 8,087 पॉजिटिव केस सामने आए हैं, जबकि 11,671 रिकवर हुए हैं. रिकवरी रेट 84.47 हो गई हैं.14 मई को रिकॉर्ड टेस्टिंग की गई हैं. 68,351 टेस्ट पूरे प्रदेश में किए गए. 50,000 लोगों को टेलीमेडिसिन के जरिए ट्रीटमेंट दिया जा रहा हैं. इसके साथ ही गांव में 23000 क्वारंटाइन सेंटर्स बनाए गए हैं, जिसमें दो लाख 70,000 बिस्तर रखे गए हैं.