भारतीय रेलवे द्वारा कोरोना काल में मरीजों को बचाने के लिए जीवन रक्षक मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई - Bhaskar Crime

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भारतीय रेलवे द्वारा कोरोना काल में मरीजों को बचाने के लिए जीवन रक्षक मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई

*भारतीय रेलवे द्वारा कोरोना काल में मरीजों को बचाने के लिए जीवन रक्षक के रूप में लिक्विड ऑक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है*


*भारतीय रेलवे द्वारा मध्य प्रदेश के लिए नौवीं ऑक्सीजन एक्सप्रेस से 33.63 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई* 

*अभी तक मध्य प्रदेश में 09 ऑक्सीजन एक्सप्रेस से 30 टैंकरों  में कुल 339.56 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की पूर्ति की गई*

*भारतीय रेलवे द्वारा 5735 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन देश के विभिन्न राज्यों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई*


   Jabalpur / भारतीय रेलवे द्वारा कोरोना काल में मरीजों को बचाने के लिए जीवन रक्षक के रूप में लिक्विड ऑक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। इसे रोल ऑन रोल ऑफ सेवा के तहत ऑक्सीजन टैंकरों को ट्रक के माध्यम से जल्द से जल्द उनके गंतव्य स्टेशन तक पहुंचाया जा रहा है। इस सुविधा के अंतर्गत देश भर के राज्यों को जहां ऑक्सीजन टैंक सीधे ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता फैक्ट्री से शीघ्रता शीघ्र अपने गंतव्य को पहुंच रहे हैं।

मध्य प्रदेश में दिनाँक 11 मई 2021 को नौंवी ऑक्सीजन एक्सप्रेस बोकारो से सागर (मकरोनिया) पहुंची। इस ऑक्सीजन एक्सप्रेस में रोल ऑन और रोल ऑफ के साथ तीन टैंकर थे जो 33.63 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन लेकर आए। इन तीनों टैंकरों को सागर के मकरोनिया स्टेशन पर दिनाँक 11 मई 2021 को समय 09:20 बजे उतारा गया। यह ऑक्सीजन एक्सप्रेस दिनाँक 10 मई 2021 को  बोकारो से समय 12:30 बजे चली थी, जो की कोटशिला, झारसुगुड़ा, बिलासपुर, नई कटनी जंक्शन होते हुए सागर के मकरोनिया स्टेशन पहुंची।

 *अभी तक भारतीय रेलवे के द्वारा मध्यप्रदेश में कुल 09 ऑक्सीजन एक्सप्रेस  पहुंचाई जा चुकी हैं  जिनसे 30 टैंकरों में कुल 339.56 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की पूर्ति की गई है।*

भारतीय रेलवे के द्वारा ऑक्सीजन एक्सप्रेस को चलाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं:- 

1. लिक्विड ऑक्सीजन टैंक/ट्रकों को परिवहन करने के लिए विशेष वैगनो को चुना गया है।

2. प्रस्थान एवं गंतव्य स्टेशनों पर आक्सीजन टैंक युक्त ट्रकों के उतरान हेतु विशेष रेम्पो को बनाया गया है।

3. ऑक्सीजन के परिवहन हेतु रेलवे द्वारा ऐसे रूटों को चुना गया है ताकि वैगनो का शीघ्र एवं सुरक्षित परिवहन किया जा सके।

4. रेलवे वैगनों को रोड टैंकर लोडिंग पॉइंट के नजदीक प्लेस किया जा रहा है।

5. क्योंकि ऑक्सीजन लिक्विड एक विशेष प्रकार का पदार्थ है अतः इसके परिवहन के दौरान विशेष सावधानी रखी जा रही है।

6. लिक्विड ऑक्सीजन एक जीवन उपयोगी कन्साइनमेंट है अतः इसकी रियल टाइम की मॉनिटरिंग रखी जा रही है और सभी क्षेत्रीय रेल के बीच में समन्वय स्थापित कर इसे शीघ्रता से गंतव्य स्टेशन की ओर पहुंचाया जा रहा है।

*भारतीय रेलवे ने इस अभियान के अंतर्गत अब तक 90 ऑक्सीजन एक्सप्रेस की यात्रा पूरी हो चुकी है। अब तक देश भर के विभिन्न राज्यों में 375 टैंकरों में 5735 मीट्रिक टन से अधिक लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति की है।* 

अब तक महाराष्ट्र को 293 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश को 1630 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश को 340 मीट्रिक टन, हरियाणा को 812 मीट्रिक टन , तेलंगाना को 123 मीट्रिक टन, राजस्थान को 40 मीट्रिक टन और दिल्ली को 2383 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई है।

भारतीय रेलवे वर्तमान समय में मौजूद चुनौतियों का सामना करते हुए और नए उपायों की तलाश के साथ देश के विभिन्न राज्यों की मांग पर लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति के अपने अभियान को निरंतर जारी रख लोंगों को राहत पहुंचा रहा है।