छात्रों से फर्जी फीस वसूली के औरअधिक अंक देने कारनामा संघ द्वारा निलंबन की मांग किया - Bhaskar Crime

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छात्रों से फर्जी फीस वसूली के औरअधिक अंक देने कारनामा संघ द्वारा निलंबन की मांग किया

 PSM प्राचार्य ने 3 मृत शिक्षकों को आॅनलाईन उपस्थिति देकर किया 
          छात्रों से फर्जी फीस वसूली के बाद अब  अपने चहेतों को अधिक अंक देने नया कारनामा  
कक्षा-शिक्षिका द्वारा कभी कक्षा मे उपस्थित छात्राध्यापकों की जानकारी ही नहीं ली जाती

मध्य प्रदेश अजाक्स संघ ने की प्राचार्य के निलंबन की माँग
प्राचार्य स्वयं महाविद्यालय मे वर्षो से हस्ताक्षर नही करते  
*जबलपुर/प्रगत शैक्षिक अध्ययन संस्थान PSM जबलपुर के प्राचार्य एवं शिक्षकों द्बारा जारी तानाशाही तथा भ्रष्टाचार का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है रोज प्राचार्य आर.के.स्वर्णकार तथा उनकी भ्रष्ट मंडली के द्बारा नित नये-नये कारनामों को अंजाम देकर आदर्श शिक्षक संस्थान की छवि को धूमिल किया जा रहा है कभी योग्य होनहार छात्राध्यापकों की योग्यता को दरकिनार कर जातिगत भेदभाव, धमकी, अभद्र भाषा का प्रयोग के साथ ही अयोग्य व अपने चहेते छात्राध्यापकों को अधिक अंक देकर उपकृत करना तथा फर्जी तरीके से धमकाते हुऐ अनावश्यक फीस वसूली करना और अब 3 मृत छात्राध्यापकों को आँख बंद करके आॅनलाईन कक्षा में पूर्ण माह उपस्थित बताकर उपस्थिति पत्रक जारी कर देना उक्त कारनामों के खिलाफ मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ "अजाक्स" जिला जबलपुर के जिला अध्यक्ष योगेश चौधरी द्बारा दोषी प्राचार्य और प्रोफेसरों को तत्काल निलंबित करने की मांग आयुक्त राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल तथा संभाग आयुक्त जबलपुर से की गई है।
उक्त बात की जानकारी जारी विज्ञप्ति के माध्यम से देते हुए बताया गया है कि, प्रगत-शैक्षिक अध्ययन संस्थान पी.एस.एम जबलपुर में B.Ed चतुर्थ सेमेस्टर सेक्शन- अ (अरावली सदन) की कक्षा शिक्षका श्रीमति सुनीता जैन द्वारा उनकी कक्षा के 3 शिक्षक जिनका कोरोना काल मे कोरोना के दौरान आकस्मिक निधन हो गया था उसके बाद भी उन्हें 16 अप्रैल से 15 मई 2021 तक ऑनलाइन कक्षाओं में उपस्थित बताकर उनके वेतन आहरण संवितरण अधिकारियों को वेतन आहरण हेतु उपस्थिति पत्रक जारी कर दिया गया जिस पर संस्था के प्रचार्य रामकुमार स्वर्णकार द्वारा आँख बंद करके हस्ताक्षर करते हुए प्रमाणित भी कर दिया गया। चूँकि कोरोना काल के दौरान सभी विषय-शिक्षक ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे थे और नियमानुसार विषय शिक्षकों की आनलाईन उपस्थिति के आधार पर ही कक्षा शिक्षक द्बारा उपस्थिति-पत्रक तैयार करने के नियम है लापरवाही की हद तो तब हो गई जब एक नहीं बल्कि 3-3 छात्राध्यापको की मृत्यु होने के बाद कक्षा मे अध्ययनरत सभी साथी शिक्षकों के द्बारा मृतकों को शोक संवेदनाऐं भी ग्रुप मे व्यक्त की गई थी उस सब के बाद भी उन मृत शिक्षकों की उपस्थिति प्रदान किया जाना समझ के परे है क्योंकि ऑनलाइन कक्षाओं का विधिवत रिकॉर्ड संधारित्र होता है तथा ऑनलाइन कक्षाओं के उपस्थिति के आधार पर ही प्रशिक्षण करने वाले अध्यापकों को उपस्थिति के अनुसार वेतन व अवकाश के साथ-साथ आंतरिक मूल्यांकन में अंक प्रदान किए जाते हैं उसके बाद भी कक्षा शिक्षिका श्रीमती सुनीता जैन और प्राचार्य की मिलीभगत व लापरवाही से पिछले अवकाशों का कोई भी विवरण दिये बिना  पूरे माह उपस्थिति का उपस्थिति पत्र जारी करते हुए मृत शिक्षकों की भी उपस्थिति प्रदान कर दी गई इससे ऐसा प्रतीत होता है कि कक्षा-शिक्षिका द्वारा कभी कक्षा मे उपस्थित छात्राध्यापकों की जानकारी ही नहीं ली जाती थी कि कौन शिक्षक कक्षा अटेंड कर रहा है या नहीं बस आंख बंद करके पूरे माह की उपस्थिति प्रदान कर दी जाती थी छात्राध्यापकों की करोना के दौरान मृत्यु नहीं हुई होती तो पता भी नहीं चलता कि इतने बड़े महाविद्यालय में उपस्थिति देने का ऐसा खेल खेला जा रहा है कि जो मृत हो चुके हैं उनको भी ऑनलाइन कक्षा मे उपस्थित मानकर पूरे माह की उपस्थिति दी जा रही है कई तो ऐसे भी हैं जिन्हे मरे हुए भी 1 माह हो गया है उन्हे भी उपस्थित मान लिया गया जबकि प्राचार्य स्वयं महाविद्यालय मे वर्षो से हस्ताक्षर नही करते  और बिना किसी सक्षम अधिकारी से विधिवत अनुमति लेकर एवं बिना किसी सूचना के हमेशा मुख्यालय से नदारद रहकर भोपाल, वृन्दावन व हरिद्वार, ऋषिकेश घूमते रहते है जो कि गंभीर अनियमितता को दर्शाता है अतः संघ आयुक्त राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल सहित संभाग अयुक्त जबलपुर से माँग करता है कि तत्काल इन सभी बिन्दुओं की सूक्षमता से जाँच करवाकर दोषियों को तत्काल निलंबित करे अन्यथा संघ उग्र आंदोलन करने बाध्य रहेगा इस अवसर पर संघ के अजय सोनकर, योगेश चौधरी, राजेन्द्र तेकाम,राकेश समुन्द्रे,दिनेश बागरी, सुखदेव झारिया, दालचंद पासी, अजय मांझी, सुभाष खंडारे, धर्मेंद्र कुकरेले, राजू मस्के, महेंद्र चौधरी, पंकज एडला,  नेतराम झारिया, हिटलर अर्खेल, नरेन्द्र हेडाऊ, किशोर दहिया, उदय राज सिंह, कोमल कोरचे,पवन बावरिया, अनिल सोनकर, शिवकुमार पटारिया, भारत लाल अहिरवार,सी.एल.मरावी,कमल अहिरवार, बलवीर सिंह,होसी तेकाम, विष्णु मार्को, विष्णु झारिया, मुकेश झारिया, नरेन्द्र उइके, घनश्याम अहिरवार, हरिश्चंद्र महोबिया, अनिल दाहिया, द्वारका कोरी,बी.देवराज, रविशंकर कोरी, किशोरी मरकाम, सुरेंद्र महोबिया, तुलसी राम तेकाम, रोहित डोंगरे,ऐबू डेविड,एम अप्पाराव, जसवंत करोशिया, ललित डहरिया, उमेश करोशिया, मूलचंद अहिरवार आदि ने निलंबन की मांग की है।