500 लोगाें से पीएम आवास और पट्‌टा दिलाने नाम पर ठगा पकड़ा गया - Bhaskar Crime

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500 लोगाें से पीएम आवास और पट्‌टा दिलाने नाम पर ठगा पकड़ा गया

तीन वर्षों से पनागर क्षेत्र में घूम-घूम कर लोगों से पीएम आवास और पट्‌टा दिलाने का झांसा देकर ठग रहा था


पनागर से BJP विधायक इंदू तिवारी के समर्थकों ने पकड़ा, 500 लोगाें से पीएम आवास और पट्‌टा दिलाने नाम पर ठगा* 

तहसीलदार ताे कभी राजस्व निरीक्षक बनकर पनागर क्षेत्र में लोगों से ठगी करने लगा। 

 *जबलपुर /ब्लैकमेलर गैंग के बाद सोमवार 9 अगस्त को फर्जी राजस्व निरीक्षक पकड़ा गया। आरोपी को पनागर से बीजेपी विधायक इंदू तिवारी के समर्थकों ने दबोचा। आरोपी पिछले साढ़े तीन वर्षों से पनागर क्षेत्र में घूम-घूम कर लोगों से पीएम आवास और पट्‌टा दिलाने का झांसा देकर ठग रहा था। आरोपी ने अब तक 500 से अधिक लोगों से ठगी कर चुका है। इस फर्जीवाड़े में एक पार्षद और पटवारी की संलिप्तता सामने आई है। दिलचस्प ये है कि आरोपी का पिता डिंडोरी में तहसीलदार थे।

महाराजपुर निवासी राजकुमार दुबे (36) के पिता स्व. राजेंद्र प्रसाद दुबे डिंडोरी से तहसीलदार के पद से रिटायर हुए थे। राजकुमार कुछ नहीं बन पाया, तो फर्जीवाड़े में उस्ताद बन गया। आरोपी कभी तहसीलदार ताे कभी राजस्व निरीक्षक बनकर पनागर क्षेत्र में लोगों से ठगी करने लगा। आरोपी ने बकायदा परिचय पत्र आदि भी बनवा रखा है। वह क्षेत्र में जाता और लोगों को पीएम आवास, पट्‌टा आदि शासकीय सुविधाएं दिलाने का झांसा देकर पैसा वसूल रहा था।


*साढ़े तीन वर्षों में 500 से अधिक लोगों काे ठगा* 

पनागर विधायक इंदू तिवारी के मुताबिक आरोपी राजकुमार दुबे पिछले साढ़े तीन वर्षों से क्षेत्र में घूम-घूम कर लोगों को ठग रहा था। आरोपी ने अभी तक क्षेत्र में 500 से अधिक लोगों को पट्‌टा, पीएम आवास सहित दूसरी सुविधाएं दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए ऐंठ चुका है। आरोपी ने पनागर निवासी संदीप दुबे से छह महीने पहले पीएम आवास दिलाने का झांसा देकर 10 हजार रुपए ठग लिए थे। आवास का पैसा दिलाने के नाम पर छह महीने से दौड़ा रहा था। वहीं पनागर क्षेत्र निवासी रज्जू उर्फ राम विश्वकर्मा को शासकीय भूमि का पट्‌टा दिलाने का झांसा देकर 1.20 लाख रुपए ठग लिए थे।


 *दोनों पीड़ितों की मदद से दबोचा गया आरोपी* 

विधायक इंदू तिवारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी के बारे में एक महीने पहले ही अधारताल टीआई को अवगत कराया था। पर पुलिस इस आरोपी को नहीं ढूंढ पाई। इसके बाद मजबूरी में उन्हें अपने कार्यकर्ताओं को लगाना पड़ा। पीड़ित राम विश्वकर्मा और संदीप दुबे ने आरोपी के बारे में शिकायत की थी। दोनों की मदद से उनके कार्यकर्ताओं ने आरोपी को दबोच लिया। इसके बाद उसे कार्यालय लेकर आए। आरोपी के पास से कई फर्जी दस्तावेज और परिचय पत्र मिले हैं। आरोपी को अधारताल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

*पटवारी और एक पार्षद की संलिप्तता भी आई सामने* 

फर्जी आरआई के साथ मिलकर ठगी करने में महाराजपुर क्षेत्र के एक पार्षद और रांझी क्षेत्र के एक पटवारी का नाम भी सामने आया है। विधायक इंदू तिवारी के मुताबिक पटवारी को वो जानते हैं। उसकी संलिप्तता है, तो उस पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं पार्षद ऋषि गोटिया के खिलाफ पार्टी के साथ ही पुलिस को भी कार्रवाई करनी चाहिए। पुलिस से मेरी मांग है कि वह पूरे मामले की तह तक जांच करें और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।