जनजातीय गौरव दिवस समारोह में आदिवासियों कास्वागत बारातियों जैसा किया गया - Bhaskar Crime

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जनजातीय गौरव दिवस समारोह में आदिवासियों कास्वागत बारातियों जैसा किया गया


मोदी पहली बार 3.50 घंटे राजधानी में रहेंगे, एक दिन में 2 कार्यक्रम होंगे
2.5 लाख आदिवासी शहर में आए11 जिलों से आए 27 हजार आदिवासियों का 3000 मेजबानों ने किया बारातियों जैसा किया गया स्वागत

 *भोपाल- प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी सोमवार को भोपाल आएंगे। वे अमर शहीद बिरसा मुंडा की जयंती पर जंबूरी मैदान में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान वे आदिवासियों के लिए कई घोषणाएं करेंगे। इसके बाद वे पीपीपी मॉडल पर 100 करोड़ रुपए में विकसित रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री भोपाल में करीब 3 घंटे 50 मिनट रहेंगे।

उनके साथ राज्यपाल मंगूभाई, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, अश्विनी वैष्णव, नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया, फग्गन सिंह कुलस्ते, डॉ. वीरेंद्र कुमार, प्रहलाद पटेल, एल. मुरुगन भी इन कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए राजधानी आदिवासी संस्कृति की झलक दिखाते पोस्टरों और बैनरों से सजाई गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समुदाय के लिए ‘राशन आपके ग्राम’ योजना का शुभारंभ करेंगे। इसी आयोजन में वे दो व्यक्तियों को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड प्रदान कर मध्यप्रदेश सिकल सेल (हीमोग्लोबिनोपैथी) मिशन का शुभारंभ करेंगे। साथ ही 50 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का वर्चुअल भूमिपूजन भी करेंगे।

 *ये पहली बार: इतना लंबा रुकेंगे, एक दौरे के लिए दो हेलीपैड का इस्तेमाल करेंगे* 

 *सबसे ज्यादा वक्त* : आज सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहर में 3.50 घंटे रहेंगे। ये पहली बार है जब मोदी शहर में इतने लंबे समय तक रहेंगे। 5 साल पहले जब आए थे तो सिर्फ 3 घंटे रुके थे। यही नहीं, वे यहां एक दिन में दो स्थानों पर अलग आयोजन में शामिल होंगे, ऐसा भी पहली बार होगा।

 *एक दौरे के लिए दो हेलीपैड :*

 यह भी पहली बार ही है जब पीएम के दौरे के लिए भोपाल में दो अलग-अलग स्थानों पर हेलीपैड बनाए गए हैं। जंबूरी मैदान पर पांच हेलीपैड बनाए गए हैं। वहीं बीयू में भी 3 हेलीपैड बनाए गए हैं।

 *8 हजार से ज्यादा किराएदारों का सर्वे :* जंबूरी मैदान, बीयू और रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के आसपास के 12 थानों के क्षेत्रों में पिछले 10 दिन से किराएदारों का सर्वे किया जा रहा है। ये पहला मौका ही है कि जब पीएम के आने से पहले 8 हजार किराएदारों का वेरिफिकेशन किया गया है।

 *कब-कहां और कैसे जाएंगे प्रधानमंत्री* 

 *11:20* बजे दिल्ली एयरपोर्ट से भोपाल के लिए रवाना होंगे

 *12:30* बजे राजा भोज एयरपोर्ट पर आएंगे

 *12:40* बजे हेलीकॉप्टर से जंबूरी मैदान के लिए रवाना होंगे।

 *1:00* बजे जंबूरी मैदान पहुंचेंगे प्रधानमंत्री

 *2:40* बजे जंबूरी मैदान से हेलीकाप्टर से बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के लिए रवाना होंगे।

 *3:10* बजे यूनिवर्सिटी परिसर से कार से रानी कमलापति स्टेशन के लिए रवाना होंगे। वहां जाकर रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे।

 *3:55* बजे वापस यूनिवर्सिटी के हैलीपेड पर पहुंचेंगे।

 *4:15* बजे राजा भोज एयरपोर्ट पहुंचेंगे प्रधानमंत्री
 *4.20* बजे एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

5:35 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरेंगे प्रधानमंत्री

 *वायुसेना के बीबीजे विमान से दिल्ली से आएंगे...* 

हवाई जहाज: वायुसेना बोइंग बिजनेस जेट (बीबीजे) का उपयोग भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति और रक्षामंत्री के लिए करती है, जिनकी संख्या 2 से 3 है। बोइंग कंपनी के इस विमान को बोइंग बिजनेस जेट बनाए जाने पर क्षमता 30 से 40 व्यक्तियों की हो जाती है। यह विमान तीन घंटे तक की उड़ान के लिए प्रयोग करते हंै। विमान मे ऑफिस, डाइनिंग एरिया, आराम की जगह होती हैं। इसमें इंटरनेट भी रहता है।

 *कार* : स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के सुरक्षा घेरे वाली फार्च्यूनर कार का उपयोग पीएम के लिए बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के लिए किया जाएगा। इनकी संख्या 8 के करीब है। ये कारें बुलेट प्रूफ और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं।

 *हेलीकॉप्टर:* पीएम के लिए भोपाल में एयरपोर्ट से वैन्यू तक एमआई-17 हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाएगा। यह चॉपर रूस में निर्मित हैं। इनकी संख्या 8 से 10 के करीब है। इनमें अतिविशिष्ट व्यक्तियों के बैठने के लिए आरामदायक सीटों के अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की बैठने की व्यवस्था भी है। इन हेलीकाप्टर का उपयोग एयरपोर्ट से जंबूरी मैदान, यूनिवर्सिटी और वापसी में एयरपोर्ट पहुंचने के लिए किया जाएगा।

 *27 हजार आदिवासियों का 3000 मेजबानों ने किया बारातियों जैसा स्वागत* 

रविवार रात 27 हजार लोगों का स्वागत खुद सांसद, विधायक और कलेक्टर ने किया। ये लोग जनजातीय सम्मेलन में आए आदिवासी मेहमान हैं। इनके आते ही विधायक-अफसरों ने चंदन के तिलक लगाए, फूल बरसाए, ढोल भाी बजाए। इनके लिए शहर के 25 बड़े स्कूल-कॉलेज में खाने और रहने की व्यवस्था की गई थी। हर सेंटर पर 100 से 150 लोग बतौर वालंटियर्स मौजूद थे।
इनमें 20 से अधिक बड़े भाजपा नेता और 10 से अधिक आईएएस अफसर के साथ राज्य सेवा के सैकड़ों अफसर पलक-पांवड़े बिछाकर खड़े थे। आदिवासियों के आने का सिलसिला शाम 6 से रात 1 बजे तक चलता रहा। जब तक सभी लोग भोपाल नहीं पहुंचे, स्वागत के लिए अफसर अलाव जलाकर मौके पर डटे रहे। जहां जल्दी आए तो बैठकर भोजन कराया। देरी से आने वालों को बिस्तर पर ही पैकेट पहुंचाए गए।