कलेक्टर कर्मवीर शर्मा जिन्होने मुझ गरीब के पुत्र का इलाज करवाकर उसकी जान बचाई है - Bhaskar Crime

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कलेक्टर कर्मवीर शर्मा जिन्होने मुझ गरीब के पुत्र का इलाज करवाकर उसकी जान बचाई है

कमलेश साहू ने कहा/ मिलनसारिता और परोपकारिता ये वो गुण हैं जबलपुर  कलेक्टर कर्मवीर शर्मा 

कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की मदद से मेरे बेटे को मिला नया जीवन.

कलेक्टर कर्मवीर शर्मा जी  जिन्होने मुझ गरीब के पुत्र का इलाज करवाकर उसकी जान बचाई है

 कल होगा अस्पताल से डिस्चार्ज और गुरूवार को जबलपुर आवेगा शानू

 *जबलपुर/प्रभावशाली व्यक्तित्व और वाणी माधुर्य...विनम्रता,निपुणता, की मिलनसारिता और परोपकारिता ये  वो गुण हैं जो किसी व्यक्ति को विशेष बनाते हैं लेकिन ये हर किसी के अंदर नहीं पाये जाते हैं, लेकिन जिस किसी व्यक्ति के अंदर ये सारे गुण होते हैं वो व्यक्ति अद्धभुत होता है ऐसे ही हैं हमारे जिले के कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा जी  जिन्होने मुझ गरीब के पुत्र का इलाज करवाकर उसकी जान बचाई है....ये कहना है मदन महल निवासी कमलेश साहू का* उन्होने आगे मैसेज में कहा कि कलेक्टर सर जी ने जो मेरी मदद की है मैं और मेरा परिवार आजीवन आभारी रहेगा उन्होंने बताया कि कल मुंबई हॉस्पिटल से बच्चे को डिस्चार्ज कर दिया जावेगा मै गुरूवार को जबलपुर आकर सबसे पहले मैं कलेक्टर साहब का आशीर्वाद लूंगा इसके उपरांत मैं मंदिर जाऊंगा 
 
*ये था मामला* 

जैसा विदित है कि मदन महल निवासी कमलेश साहू की पत्नि ने 13 नवंबर 2021को एक निजी अस्पताल में बेटा शानू को जन्म दिया था। किन्तु कुछ ही देर पश्चात डॉ ने बताया कि नवजात शिशु हृदय रोग (दिल में सुराख) से पीड़ित है। यह जानकारी होने पर पूरा परिवार सदमे में आ गया। उनकी खुशियों पर वज्रपात सा हो गया। निराशा से उम्मीद खो चुके कमलेश साहू को किसी ने बताया कि कलेक्टर साहब लाचार और गरीबों की मदद करते हैं, बस उन्हें सूचित करने की देर है तत्पश्चात बेटे के उपचार को लेकर कमलेश ने केयर बायं कलेक्टर में मैसेज किया कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए  सहृदयता दिखाते हुए 2 घंटे के भीतर शिशु को उपचार के लिए मुंबई शासकीय व्यय पर इलाज़ के लिये मुंबई भेजा साथ ही जबलपुर से मुंबई जाने हेतु एंबुलेंस का किराया 45000 रु देकर बॉम्बे भेजा था।

 *दुआ में बहुत बड़ी शक्ति होती है* 

जिस दिन बच्चे का ऑपरेशन था उस दिन हिंदू हो या मुस्लिम, सिख हो या इसाई सभी ने फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से चार लाख से अधिक लोगों ने शानू के जीवन को बचाने एवं सलामती की  दुआएं की थी। जिसका ये असर यह हुआ कि ईश्वर ने लाखों लोगों की दुआ कबूल करते हुए शानू को नवजीवन प्रदान किया