सरकार ने छीना 47 रेत खदानों का ठेका - Bhaskar Crime

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सरकार ने छीना 47 रेत खदानों का ठेका

 प्रदेश शासन ने वर्तमान रेत ठेकेदार द्वारा रॉयल्टी की राशि जमा ना किये जाने की दिशा उक्त ठेके को निरस्त कर दिया था। 


आराध्या लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड को मिले इस ठेके में कई भागीदार होने की चर्चा रही है।

 जिनमें कुछ राजनीतिक और बड़े उद्योगपति के नाम भी इस ठेके में भागीदार के रूप में चर्चित रहे है।

 यह ठेका इस कंपनी से छीनने के बाद शासन इसका पुनः ठेका करने जा रही है। 

इस बार भी 47 रेत खदानों का एक समूह बनाया गया है और इसके लिए 15 करोड़ की राशि नियत की गई है। 

पिछले साल यह ठेका 31 करोड़ से अधिक राशि का हुआ था। इन खदानों से छह लाख घनमीटर रेत निकालने की अनुमति दी जाएगी।

छह तहसील एक साथ शासन ने जबलपुर जिले की छ: तहसीलों को एक साथ रखा है। जिनमें जबलपुर, सिहोरा, पाटन, शहपुरा, मंझौली एवं कुंडम शामिल है। 

इन तहसीलों के अंतर्गत आने वाले 47 स्थानों को त खदानों के लिए चिन्हित किया गया है।

250 रुपये दर तय शासन ने जबलपुर जिले की न 47 खदानों से निकलने वाली न के लिए 250 प्रति

प्रति घनमीटर के की राशि नियत की है। 6 लाख घनमीटर रेत होने का अनुमान शासन ने लगाया है उस हिसाब से 15 करोड़ या उससे अधिक की राशि पर यह नया ठेका होगा। सूत्रों के अनुसार पिछला ठेका 125 प्रति घन मीटर के हिसाब से दिया गया था लेकिन इस बार शासन ने इस राशि को बढ़ाकर ढाई सौ प्रति घन मीटर कर दिया।

पहले जब रेत ठेका हुआ था तो यह 47 खदानें 31 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि पर नीलाम हुई थी। इसकी समय अवधि 3 साल थी। लेकिन आराध्या ग्रुप ने रॉयल्टी और किश्त का पैसा समय पर जमा नहीं किया। जिसके बाद स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन भोपाल में डेढ़ साल की अवधि में ही आराध्या ग्रुप का ठेका निरस्त करने का आदेश जारी

इस बार ठेका और अधिक राशि का होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि प्रति घन मीटर की तरह शासन ने बढ़ा दी है और ठेकेदार इसी अनुपात की गणना कर नई बोलिया लगाएँगे। नया ठेका जून 2023 तक होने की बात बताई गई है।

17 करोड़ से अधिक का होगा टीकमगढ़ का ठेका

इसी प्रकार प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में भी रेत खदानों की नीलामी प्रक्रिया जारी हो गई है। जिसके तहत टीकमगढ़ जिले की 3 तहसीलों के अंतर्गत आने वाली 22 खदानों से 7 लाख घन मीटर रेत निकालने का अनुमान लगाया गया है। इन सभी रेत खदानों को एक समूह में रखकर इसकी बोली लगाई जाएगी। 17 करोड 50 लाख से उसे ऊपर की बोलियाँ इन 22 खदानों के लिए आमंत्रित की जाएँगी।