पुलिस अधीक्षक ने कहा,सीएम हेल्प लाइन की शिकायतों की निराकरण अधिकारी एवं थाना प्रभारी करें - Bhaskar Crime

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पुलिस अधीक्षक ने कहा,सीएम हेल्प लाइन की शिकायतों की निराकरण अधिकारी एवं थाना प्रभारी करें

 *सीएम हेल्प लाइन की शिकायतों की राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी स्वयं समीक्षा करें और निराकरण करें..

पुलिस अधीक्षक जबलपुर  सिद्धार्थ बहुगुणा ने ली जिले में पदस्थ अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की बैठक, दिये कार्यवाही के सम्बंध में आवश्यक निर्देश


  *जबलपुर// पुलिस कन्ट्रोल रूम जबलपुर मे  पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) द्वारा अपराध समीक्षा बैठक ली गयी। बैंठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री रोहित काशवानी (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर दक्षिण/अपराध) श्री गोपाल प्रसाद खाण्डेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उत्तर/यातायात श्री संजय कुमार अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री शिवेश सिंह बघेल, तथा जिले मे पदस्थ समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं समस्त थाना प्रभारी शहर एवं देहात उपस्थित थे।


बैठक में पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) ने थानों में लंबित धारा 363 भादवि के प्रकरणों की समीक्षा कर गुम बालक/बालिकाओं की तलाश पतासाजी कर शीध्र दस्तयाबी हेतु आदेशित करते हुये कहा कि  सीएम हेल्प लाइन की शिकायतों की समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी स्वयं समीक्षा करते हुए शिकायतकर्ता से विनम्रता पूर्वक चर्चा करें एवं उनकी जो भी शिकायत है वैधानिक कार्यवाही करते हुए उसका प्राथमिकता के आधार पर त्वरित संतुष्टीप्रद निकाल करें तथा शिकायतकर्ता को की गई कार्यवाही से अवगत करायें, साथ ही समस्त राजपत्रित अधिकारी सीएम हेल्प लाइन से संबंधित शिकायतों की सुनवाई हेतु प्रति सप्ताह शनिवार के दिन अनुभाग के किसी भी एक थाने में कैंप लगायें, एवं लंबित शिकायतों की स्वयं सुनवाई करते हुये शीघ्र निकाल करायें।

   

       *पुलिस मुख्यालय द्वारा आदर्श थाने के लिए निर्धारित किए गए मापदंड का कड़ाई से पालन कराएं। मापदंड के 15 बिंदु निर्धारित किए गए हैं प्रत्येक मापदंड के समान अंक रहेंगे अर्थात कुल 15 अंकों के आधार पर थानों का मूल्यांकन किया जावेगा।*


       जोनल स्तर पर समीक्षा के लिये पुर्नमूल्यांकन जोनल पुलिस महानिरीक्षक द्वारा किया जा सकेगा।

       पुलिस मुख्लालय स्तर पर सर्वोत्तम/उत्तम/अच्छे थानों के मूल्याकंन का कार्य अपराध अनुसंधान विभाग द्वारा किया जावेगा। इस हेतु थानों की संख्या का निर्धारण पुलिस कमिश्नरी के 05 थानों के चयन तथा ‘‘अ’’ वर्ग जिले के 03 थाने, ‘‘ब’’ जिले के 02 थाने तथा ‘‘स’’ वर्ग जिले के 01 थाने को चयनित किया जायेगा। जिला/कमिश्नरी के चयनित थानों का प्रस्ताव संबंधित पुलिस अधीक्षक/पुलिस कमिश्नर द्वारा भेजा जावेगा। पुलिस मुख्यालय स्तर पर प्रदेश के सर्वोत्तम/उत्तम/अच्छे थानों के चयन के लिये उपरोक्तानुसार मापदण्ड अनुसार समीक्षा की जावेगी।


       प्रथम चरण में तीन माह की समीक्षा अर्थात 01 जनवारी 2022 से 31 मार्च 2022 तक की अप्रैल माह में की जावेगी एंव इसी प्रकार से 3-3 माह मे समीक्षा की प्रक्रिया निरन्तर जारी रहेगी।


             मान्नीय उच्च न्यायालय के द्वारा जारी समंस एवं वारंट की तामीली प्राथमिकता के आधार पर विशेष रूचि लेकर की जाये इसमें किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही न बरती जाये।


        आपने चिन्हित सनसनीखेज जघन्य गम्भीर अपराधों  एवं धोखाधड़ी, चिटफंड कम्पनी से सम्बंधित 420, 467, 468, 471 भादविं के प्रकरणों में अभी तक विवेचना में हुई प्रगति की विस्तृत से समीक्षा करते हुये आगामी कार्य विवेचना के सम्बंध में सम्बंधित राजपत्रित अधिकारियों तथा थाना प्रभारियो को निर्देशित करते हुये शीघ्र निकाल हेतु निर्देशित किया।


         महिलाओं, बच्चों, वृद्धों एवं समाज के कमजोर वर्गाे के प्रति संवेदनशील रहते हुये इनके द्वारा की गयी शिकायतों पर तत्काल विधिसंगत कार्यवाही करते हुये राहत पहुचंाये, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहंी होना चाहिये, आपके द्वारा की गयी कार्यवाही निष्पक्ष एवं पारदर्शी होनी चाहिए इसके साथ ही लंबित अनुसूचित जाति/जनजाति के प्रकरणों की समीक्षा करते हुये अनुसूचित जाति एवं जनजाति के प्रकरणों में पीड़ित को तत्काल राहत राशि दिलाई जाये।


                 आपने सभी को निर्देशित किया कि विशेष अभियान के तहत काला बाजारी करने वालों तथा मिलावटखोरों, भू-माफियाओं/चिटफंड कंपनी के कारोबारियों एवं सूदखोरों तथा संगठित जुआ सट्टा खिलाने वालों, अवैध शराब एवं मादक पदार्थ/नशीले इंजेक्शन के कारोबार मे लिप्त आरोपियों तथा अवैध रेत के उत्खनन एवं परिवहन के कारोबार में लिप्त माफियाओं के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करें।


          इसके साथ ही आपने त्रिवार्षिक तुलनात्मक प्रतिबंधात्मक कार्यवाही (107/116 जाफो, 110 जा.फौ, जिला बदर, एन.एस.ए.) एवं माईनर एक्ट (जुआ-सट्टा, आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट, ) की भी विस्तार से समीक्षा करते हुये आसामाजिक तत्वों एवं गुण्डे बदमाशों के विरूद्ध उनके आपराधिक रिकार्ड को दृष्टिगत रखते हुये उनके विरूद्ध प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही हेतु आदेशित किया गया।


*आदर्श थाने के लिए निर्धारित किए गए  मापदण्ड*


⏩️पुलिस थाने की पारदर्शी कार्य प्रणाली

⏩️ पुलिस थाना स्टाफ का अनुशासन

⏩️पुलिस थाना स्टाफ की गणवेश

⏩️आम जनमानस से पुलिस थाना स्टाफ के मधुर संबंध/ व्यवहार

⏩️ थाने में उपलब्ध संसाधनों का बेहतरीन उपयोंग एंव उनका रखरखाव 

⏩️सी.सी.टी.एन.एस. डाटा को प्रतिदिन अपडेट किया जाना

⏩️थाना भवन का रखरखाव एंव स्वच्छता

⏩️आम जन मानस के थाना आगमन पर उनके बैठने एंव पेयजल की समुचित व्यवस्था, शौचालय व्यवस्था, थाना परिसर में वाहनों की पार्किंग व्यवस्था, प्रशासन व्यवस्था

⏩️थाना रिकार्ड की प्रत्येक प्रविष्टियों का संबंधी पंजियों में इन्द्राज कर दर्ज अपराधों एंव प्राप्त शिकायतों का शीघ्रता से निराकरण करना।

⏩️वरिष्ठ अधिकारियों एंव उनके कार्यालय से प्राप्त सभी निर्देशों का शीघ्रता से पालन करना। 

⏩️ थाने में आने वाले पीड़ित व्यक्ति की संतुष्टि, पुलिस एंव जनता के मधुर रिश्ते सहित आमजन मानस में थाना पुलिस की अनुकूल छवि बनाये रखना। 

⏩️महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधों में त्वरित कार्यवाही तथा महिलाआकें की सुरक्षा के लिये विशेष प्रयास

⏩️ थानों में लंबित अपराधों, जप्ती माल, जप्त वाहनों एंव अन्य निराकरण की स्थिति

⏩️ थानों में समंस, वारण्ट, जमानती गिरफ्तारी, स्थायी, फरारी वारण्टों की तामीली की स्थिति, कोर्ट मोहर्रिर के साथ बैठक

⏩️थानों में चिन्हित अपराधों की विवचेना, मान्नीय न्यायालय में विचाराधीन चिन्हित प्रकरणों की स्थिति तथा सजायाबी का प्रतिशत, मान्नीय न्यायालय के प्रभारी अधिकारी के कार्य का मूल्याकंन