कलेक्टर से स्मार्ट सिटी के नाम पर अवैध काम पर तत्काल रोक लगाने मांग किया - Bhaskar Crime

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कलेक्टर से स्मार्ट सिटी के नाम पर अवैध काम पर तत्काल रोक लगाने मांग किया

ऐतिहासिक मदन महल किला जिसका निर्माण 1140 ईस्वी में हुआ था और अंग्रेजी हुकूमत के समय से उक्त किले की 306 हेक्टेयर भूमि संरक्षित की गई है


गढ़ा गोंडवाना संरक्षण संघ जबलपुर ने एक ज्ञापन मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं जिला कलेक्टर जबलपुर के नाम प्रेषित कर यह मांग की है


गोंडकालीन स्मारक, व उनकी संस्कृति के अनुसार मदन महल किले में कार्य करा कर जिला प्रशासन द्वारा द्वारा स्मार्ट सिटी के नाम पर अवैध काम पर तत्काल रोक लगाने सौंपा ज्ञापन


 जबलपुर//गढ़ा गोंडवाना संरक्षण संघ जबलपुर ने एक ज्ञापन मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं जिला कलेक्टर जबलपुर के नाम प्रेषित कर यह मांग की है कि ऐतिहासिक मदन महल किला जिसका निर्माण 1140 ईस्वी में हुआ था और अंग्रेजी हुकूमत के समय से उक्त किले की 306 हेक्टेयर भूमि संरक्षित की गई है किंतु समय समय पर वहां भू माफियाओं द्वारा अतिक्रमण किया जाता रहा है और ऐतिहासिक धरोहर के साथ छेड़छाड़ की जाती रही है उक्त भूमि में संग्राम सागर कई अन्य छोटे ताल तलैया कुएं बावड़ी बने हुए हैं जिन्हें भी नष्ट किया जा रहा है वर्ष 2012 में भी उक्त किले के पास ही सामूहिक बलात्कार हुए थे और असामाजिक तत्वों के जमावड़ो के कारण उक्त विरासत समाप्त होने की कगार पर थी जिससे व्यथित होकर 2012 में संघ के किशोरी लाल भलावी द्वारा उक्त जनहित याचिका दायर की गई थी जिसमें 2164 मकान अलग हुए हो चुके हैं और उक्त भूमि को संरक्षित करने के आदेश माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में पारित किए।

         वर्तमान में बदनपुर में के पास गोंड कालीन बावली को पूरने का कार्य वहां के क्षेत्रीय भू माफियाओं के द्वारा किया जा रहा है जिसकी साफ-सफाई संघ द्वारा की गई है किंतु जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमधारियों के विरुद्ध कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है और भूमाफियाओं द्वारा उक्त बावली के ऊपर अवैध निर्माण किया जा रहा है और जिला प्रशासन द्वारा स्मार्ट सिटी के नाम पर तक्षशिला कॉलेज के पास पत्थरों की अवैध कटिंग की जा रही है जबकि माननीय उच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से सभी प्रकार के निर्माण कार्यों में रोक के आदेश पारित किए हैं।

 संघ ने मांग की है कि ऐतिहासिक मदनमहल किले के आसपास गोंडी संस्कृति अनुरूप कार्य कराए जाएं और वहां पर जो भी अतिथि या पर्यटक आते हैं उन्हें गोंडी संस्कृति के बारे में बताया जाए साथ ही वहां पर जो भी वृक्ष लगाएं उसमें हर्रा ,बहेरा ,गांद, चार चिरौंजी, बेल, आंवला ,करौंदा एवं अन्य वृक्ष संघ के माध्यम से लगाने की मांग की है।

 एक अन्य मांग के रूप में केंद्रीय शासन की ओर से कुछ दिन पूर्व देश के गृह मंत्री द्वारा गोंडवाना क्रांति स्तंभ के रूप में जिला वन अधिकारी के कार्यालय को खाली कराकर उक्त संपूर्ण भूमि में म्यूजियम, पुस्तकालय एवं अन्य विकास कार्य कराए जाने की घोषणा की थी जो कि आज दिनांक तक पूर्ण नहीं की गई है और ना ही कार्य प्रारंभ किया गया है जिस पर संपूर्ण भूमि अतिशीघ्र खाली कराकर वहां कार्य प्रारंभ कराए जाने की मांग की गई है ।

   2 दिन पूर्व असम दार्जिलिंग से अपनी मां के साथ मदनमहल किला आई एक युवती के साथ वहां के असामाजिक तत्वों ने छेड़छाड़ कर उक्त किले को बदनाम करने का प्रयास किया है जिसे पुलिस प्रशासन भी अपनी सक्रिय भूमिका भी नहीं निभा पा रहा है जबकि उच्च न्यायालय जबलपुर ने उक्त जोन में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य ना हो और उसकी मानीटरिंग जिला प्रशासन द्वारा की जावे के आदेश न्यायालय द्वारा पारित किए हुए हैं। संघ ने उक्त घटना पर आपत्ति जताते हुए असामाजिक तत्वों के विरूद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है ।

      उक्त ज्ञापन के अवसर पर संघ के संभागीय अध्यक्ष किशोरीलाल भलावी, एडवोकेट बालकिशन चौधरी, नेम सिंह मरकाम, अजय झारिया ,वीरेंद्र पट्टा, एड.एडवोकेट सूरज चौधरी, गया प्रसाद धुर्वे नोखेलाल बरकड़े, आदि की उपस्थिति रही।