लूटेरी प्रेमिका षडयंत्र के तहत अच्छे घरों के युवाओं को महिलाओं द्वारा फंसाया जाता है - Bhaskar Crime

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लूटेरी प्रेमिका षडयंत्र के तहत अच्छे घरों के युवाओं को महिलाओं द्वारा फंसाया जाता है

अच्छे घरों के युवाओं को महिलाओं द्वारा फंसाया जाता है

लूटेरी प्रेमिका अपने संभ्रांत परिवार के युवा को चंगुल में फंसे ब्लैकमेलिंग करती है


 सोचे-समझे षडयंत्र के तहत उन्हें दुष्कर्म की धाराओं का भय दिखाकर ब्लैकमेल किया जात

जबलपुर// म.प्र. उच्च न्यायालय के अधिवक्ता धीरज सिंह ठाकुर के संयोजन में आज एडीशनल एस.पी. (ग्रामीण) श्री शिवेश सिंह बघेल जी को शहर में तथाकथित एक महिला (लूटेरी प्रेमिका) द्वारा शहर एवं शहर के बाहर के संभ्रांत परिवार के युवाओं को समाज में छवि धूमिल करने की धमकी देकर रूपये लूटे एवं कईयों को पुलिस प्रकरण दर्ज कराकर पैसों की मांग की।


 अधिवक्ता धीरज सिंह ठाकुर एवं उनके अधिवक्ता साथियों ने पुलिस प्रशासन को उपरोक्त संदर्भ में क्रमबद्ध तरीके से साक्ष्य देते हुए बताया कि उस महिला ने पहले एक व्यक्ति के खिलाफ रेप का प्रकरण दर्ज करवाया फिर उसने समझौता कर उससे शादी कर ली शादी करने के बाद पुनः उसके ऊपर आरोप लगाये ऐसी महिला की वारदात को सभ्य समाज बर्दाश्त नहीं कर सकता। यह बेहद घृणित कार्य है, इसलिए कानून में इसके लिए कड़े दण्ड की व्यवस्था की गई है, जो उचित है। लेकिन हनी ट्रेप जैसी घटनाओं के तहत जब अच्छे घरों के युवाओं को महिलाओं द्वारा फंसाया जाता है। सोचे-समझे षडयंत्र के तहत उन्हें दुष्कर्म की धाराओं का भय दिखाकर ब्लैकमेल किया जाता और मांग पूरी न होने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया जाता है, तो यह भी एक बड़ा अपराध है। धारा 182 के तहत् कानून ने पुलिस को यह अधिकार प्रदान किए हैं कि यदि विवेचना में व रिपोर्ट को दुर्भावनापूर्ण पाती है या उसके तथ्य गलत हैं तो पुलिस धारा 182 के तहत् उक्त अपराध की खारिजी काट सकती है।

ज्ञापन सौंपते वाले एड. योगेन्द्र गोलनदाज, एड., आर. बी. साहू, एड. नितिन करण, एड. बी. एल. झारिया, एड. आशुतोष नामदेव, एड. आशीष भटकर. एड. अखिलेश सिंह, एड. दीपक रघुवंशी आदि अधिवक्तागण चर्चा कर ज्ञापन सौंपा